अतीक साबरी:-
news 129 कलियर। रबीउल अव्वल का चांद नजर आते ही पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स का आगाज हो गया। चांद के दीदार के बाद दरगाह परिसर में मेहंदी डोरी की रस्म अकीदत और रूहानियत के साथ अदा की गई। इस दौरान हजारों जायरीन ने शिरकत कर दुआएं मांगीं और माहौल अल्लाहु के नारों से गूंज उठा।शज्जादा नशीन शाह अली शाह मियां साबरी के नेतृत्व में मेहंदी डोरी की रस्म पूरी की गई। कलियर गांव से जायरीनों का बड़ा जत्था बड़े-बड़े थालों में मेहंदी डोरी सिर पर रखकर दरगाह पहुंचा।
गांव से दरगाह तक मेहंदी डोरी के जुलूस के दौरान अकीदतमंदों की ओर से खुशबूदार पदार्थों की वर्षा की गई। चारों ओर अल्लाहु के नारों और रहमत की सदाओं से माहौल रूहानी हो गया।दरगाह पहुंचने के बाद शज्जादा नशीन शाह अली शाह मियां साबरी ने मेहंदी डोरी साबिर पाक को अर्पित की। इसके बाद दरगाह के पुरजों पर मेहंदी लगाकर डोरी बांधी गई। रस्म के दौरान दरगाह परिसर जायरीनों से खचाखच भरा रहा। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बड़ी संख्या में पहुंचे अकीदतमंदों ने शज्जादा नशीन के हाथों से मेहंदी डोरी का तबर्रुक हासिल किया। इस मोके पर शाह यावर मियाँ साबरी, यासीर मियाँ, सुहैल साबरी, गाजी मियाँ साबरी, नोमी मियाँ साबरी, असद साबरी, खालिक मियाँ, हाफ़िज़ मोहम्मद रफी, सूफ़ी राशिद मियाँ साबरी, आदि मौजूद रहे!
खत्म शरीफ में मांगी अमन-शांति की दुआ मेहंदी डोरी की रस्म से पहले शुक्रवार को दरगाह के महफिल खाने में खत्म शरीफ का आयोजन किया गया। इसकी सरपरस्ती शज्जादा नशीन शाह अली शाह मियां साबरी ने की। खत्म शरीफ में कलाम पाक की आयतों की तिलावत की गई और मुल्क में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
इस दौरान मौजूद जायरीनों में तबर्रुक वितरित किया गया।शज्जादा नशीन ने बताया कि रबीउल अव्वल का चांद नजर आने के साथ ही दरगाह का 758वां सालाना उर्स शुरू हो गया है। उर्स की प्रमुख रस्में रबीउल अव्वल की 11 से 14 तारीख तक अदा की जाएंगी। इस दौरान छोटी रोशनी, बड़ी रोशनी, कुल शरीफ और गुस्ल शरीफ समेत कई महत्वपूर्ण रस्में पूरी की जाएंगी।