अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीआईपी’ के नाम का खुलासा करने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस ने उनकी धरपकड़ तेज कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने उर्मिला के सहारनपुर स्थित आवास पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तत्काल जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
ऑडियो कांड के बाद से दोनों फरार
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें अंकिता भंडारी केस को लेकर गंभीर दावे किए गए थे। इस मामले में पुलिस ने पहले ही ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर के घर पर नोटिस लगाया था। अब उर्मिला सनावर के सहारनपुर स्थित घर पर भी नोटिस चस्पा कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी ‘भूमिगत’ (फरार) चल रहे हैं और पुलिस के सामने पेश नहीं हो रहे हैं।

STF ने संभाली कमान, आखिरी वीडियो पर नजर
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भी इस केस में सक्रिय हो गई है। पुलिस की टीमें दोनों की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले उर्मिला का एक आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर आया था, जिसमें उन्होंने कुछ और दावे किए थे, लेकिन उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है।
क्या है पूरा विवाद?
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ को लेकर लंबे समय से राजनीति गरमाई हुई है। उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के बीच हुई कथित बातचीत के ऑडियो में उत्तराखंड के कुछ रसूखदार नेताओं के नाम लिए गए थे। भाजपा के कुछ नेताओं ने इसे पार्टी की छवि खराब करने की साजिश बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

