Delhi Police एक्स मुस्लिम बन मुसलमानों के खिलाफ विवादित बयान देने वाले सलीम वास्तविक को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। सलीम वास्तविक का असली नाम सलीम खान है जिसने 1995 में दिल्ली के एक बड़े कारोबारी के 13 साल के बच्चे का अपहरण कर फिरौती के लिए हत्या कर दी थी। इस मामले में सलीम को 1997 में सजा भी हुई लेकिन तीन साल बाद उसे जमानत मिली गई। तभी से सलीम फरार था। बड़ी चालाकी से उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए एक्स मुस्लिम बन अपनी पहचान छिपा ली और मीडिया में इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ विवादित बयान देने लगा।
कुछ समय पहले हुआ था जानलेवा हमला
सलीम वास्तविक पर गाजिाबाद में उनके आफिस पर जानलेवा हमला हुआ था। दो भाईयों ने उस पर चाकू से हमला किया था। इसमें उनकी जान बच गई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों भाईयों का एनकाउंटर कर दिया था। वहीं दूसरी ओर सलीम वास्तविक के लिए कई हिंदू संगठन खडे हुए और उनकी आर्थिक मदद भी की। लेकिन अब खुद हिंदू कारोबारी के बच्चे की हत्या में गिरफ्तारी के बाद सब सकते में हैं।
एक्स मुस्लिम सलीम वास्तविक

क्या है पूरा मामला
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 31 साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए वांछित भगोड़े अपराधी सलीम वास्तिक को गिरफ्तार कर लिया है। सलीम, जो हाल के समय में अपने विवादास्पद बयानों और यूट्यूब वीडियो के कारण चर्चा में था, वर्ष 2000 से कानून से बचता फिर रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 1993 का है, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक बड़े कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने सलीम खान (अब सलीम वास्तिक) और उसके साथी अनिल को गिरफ्तार किया था। वर्ष 1997 में अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के दौरान वर्ष 2000 में सलीम को दिल्ली उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिली थी। जमानत पर बाहर आते ही वह फरार हो गया और फिर कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। इसके बाद उसने अपनी पहचान बदल ली और अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रहने लगा।
सोशल मीडिया पर बनाता था भडकाउ वीडियो
हाल के दिनों में ‘सलीम वास्तिक’ नाम का एक व्यक्ति सोशल मीडिया और यूट्यूब पर अपने भड़काऊ वीडियो और बयानों के कारण सुर्खियों में आया। क्राइम ब्रांच को संदेह हुआ कि यह वही पुराना अपराधी हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले, पुराने फिंगरप्रिंट्स का मिलान कराया और पुरानी तस्वीरों का आधुनिक तकनीक से विश्लेषण किया।
