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किडनी रैकेट का खुलासा, इन डॉक्टरों की पुलिस को तलाश, करें पुलिस की मदद

Published on September 11, 2017 01:03:13 PM

चंद्रशेखर जोशी।
देहरादून पुलिस ने उत्तरांचल डेंटल कॉलेज लालतप्पड डोईवाला के परिसर में स्थित गंगोत्री चेरिटेबल हॉस्पिटल में चल रहे किडनी रैकेट का खुलासा करते हुए मुंबई के एक दलाल को गिरफ्तार किया है। जबकि किडनी रैकेट को चलाने वाले तीन डॉक्टरों की तलाश की जा रही है। उनके से दो डॉक्टरों की फोटो जारी कर दी गई है। वहीं पुलिस ने चार लोगों को भी आजाद कराया है। इनमें से तीन बंगाल और एक गुजरात का रहने वाला है। इनमें एक महिला और एक पुरुष की किडनी निकाली जा चुकी है जबकि एक महिला और पुरुष की किडनी निकाली जानी थी।

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इन डॉक्टरों की है तलाश

 

डोईवाला में प्रेस वार्ता करते हुए एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पिछले तीन माह से किडनी ट्रांसप्लांट का अवैध रूप से धंधा चल रहा था। गंगोत्री चेरिटेबल हॉस्पिटल से मिली जानकारी के अनुसार डा. राजीव चौधरी, डा. अमित कुमार और डा. अक्षय राउत अपने सहयोगियों के साथ मिलकर किडनी ट्रांसप्लांट करते थे। तीनों ही आरोपी अभी फरार हैं।

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मुंबई का दलाल गिरफ्तार
पुलिस ने मुंबई के एक दलाल जावेद खान को गिरफ्तार किया है। जावेद बंगाल की रहने वाली एक महिला चांदनी गुडिया के साथ मिलकर किडनी के लिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को फंसाता था। इसके बाद उनकी किडनी निकालकर तीन से पांच लाख रुपए में बेच दी जाती थी। दलाल जावेद खान अब तक करीब तीस लोगों को फंसा चुका है। इसके लिए उसे पचास हजार रुपए प्रति व्यक्ति मिलता था।

 

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दिल्ली के अस्पताल से जुडे हैं तार
आरोपी जावेद खान ने बताया कि दिल्ली के गंगा राम अस्पताल के पास ही एक निजी अस्पताल हैं जहां से पूरा रैकेट आॅपरेट होता था। इस रैकेट का सूत्रधार भी दिल्ली में ही बताया जाता था। दिल्ली में खून आदि की जांच के बाद उन्हें उत्तराखण्ड के अस्पताल में लाया जाता था। जहां उनकी किडनी निकाल ली जाती थी। इसके बाद उन्हें पैसे भी दिल्ली में ही दिए जाते थे। किडनी को ट्रांसप्लांट भी हाथों हाथ ही अस्पताल में कर दिया जाता था और ये सब उत्तरांचल डेंटल कॉलेज लालतप्पड देहरादून में चल रहा था।

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हरिद्वार के सिपाही पंकज सिंह ने किया खुलासा
हरिद्वार के सिपाही पंकज सिंह की गुप्त सूचना पर ही वारदात का खुलासा हो सका है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पंकज सिंह ने पुलिस को शुरूआती लीड दी इसके बाद अस्पताल में छापा मारा गया। वहां से कृष्णा दास और शेख ताज अली निवासी पश्चिम बंगाल जिनकी किडनी निकाली जा चुकी थी, को हरिद्वार के जिला अस्पताल लाया गया। जबकि दो व्यक्ति भाव जी भई निवासी खेडा गुजरात और सुषमा बनर्जी निवासी दक्षिण 24 परगना पश्चिम बंगाल जिनकी किडनी निकाली जानी थी को आजाद कराया गया।

Published on September 11, 2017 01:03:13 PM

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