Dehradun Murder Case देहरादून में गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या करने वाला शूटर हरिद्वार में रुके थे। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक नेता के होटल के कमरे के लिए एंट्री करते हुए बदमाश का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वहीं बताया जा रहा है कि बदमाशों ने देहरादून जाने के लिए हरिद्वार से ही स्कूटी और बाइक भी हरिद्वार से ही किराए पर ली थी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हरिद्वार आए और स्कूटी देने के बाद आसानी से फरार भी हो गए। बदमाशों के बारे में पुलिस को अहम सुराग लगे हैं जो झारखंड पुलिस ने साझा किए गए हैं।
Dehradun Murder Case
नामी बदमाश रहा है विक्रम शर्मा
विक्रम शर्मा झारखण्ड में नामी बदमाश रहा है। विक्रम शर्मा का नाम हत्या सहित कई संगीन वारदातों में सामने आया है। पुलिस के मुताबिक झारखण्ड के एक ओर बदमाश अखिलेश सिंह का भी विक्रम शर्मा सहयोगी थी। 2017 में भी झारखण्ड पुलिस ने विक्रम शर्मा को देहरादून से गिरफ्तार किया था। विक्रम यहां बाजपुर में स्टोन क्रेशर चला रहा था और खनन के कारोबार से जुड़ा था। Dehradun Murder Case
गैंगवार या पुरानी रंजिश हो सकती है कारण
वहीं बताया जा रहा है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या गैंगवार हो सकती है। एसटीएफ प्रमुख अजय सिंह ने बताया कि विक्रम शर्मा नामी बदमाश रहा है और उसके तार कई गैंग से जुड़े थे। इसलिए गैंगवार या पुरानी रंजिश को हत्या का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इतने मुकदमें थे विक्रम शर्मा पर
2 नवंबर 2007 को साकची आम बागान के पास श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या
15 मार्च 2008 को साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग
20 मार्च 2008 को साकची में पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग
16 मई 2008 को साकची में श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे के घर पर फायरिंग
25 जुलाई 2008 को बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्टू झा के कार्यालय पर गोली चली
17 अगस्त 2008 को बर्मामाइंस में अपराधी परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह की ससुराल में फायरिंग
28 अगस्त 2008 को साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर फायरिंग
17 सितंबर 2008 को एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग
4 अक्टूबर 2008 को बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या
2008 में बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या


