आदतन अपराधी निकला पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाला दरिंदा सिकंदर, दिल्ली, यूपी में कई मुकदमे दर्ज, कलियर में रह रहा था, पुलिस सत्यापन अभियान पर उठे सवाल

रामपुर और दिल्ली में चोरी-लूट के करीब 12 मुकदमे दर्ज, वारदात के बाद झुग्गी उखाड़कर हो गया था फरार

अतीक साबरी। कलियर में पांच वर्षीय मासूम बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को पुलिस ने करीब एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी झुग्गी उखाड़कर दिल्ली फरार हो गया था। पुलिस ने 5 नवंबर को उसे अब्दाल साहब रोड पर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सिकंदर उर्फ जमीं खां (35 वर्ष) पुत्र जकी खां निवासी पुराना रामपुर रोड, शाहबाद, जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी कलियर में हज कमेटी के पास झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहता था और कबाड़ बीनने का काम करता था। वह नशे का भी आदी बताया गया है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के रामपुर और दिल्ली के साउथ कोटला थाने में चोरी और लूट समेत करीब 12 आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। बड़ा सवाल ये भी है कि आखिर कलियर पुलिस समय रहते सिंकदर का सत्यापन कर लेती तो पांच साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी ना होती। स्थानीय लोगों ने पुलिस के सत्यापन अभियान पर सवाल खड़े करते हुए कलियर और आसपास के इलाकों में रह रहे बाहरी लोगों का सत्यापन कर कार्रवाई करने की मांग की है।

चॉकलेट का लालच देकर खंडहर में ले गया था आरोपी

मामला 6 अक्टूबर 2026 का है। बहराइच (उत्तर प्रदेश) के मोतीचूर निवासी पीड़िता के पिता ने 7 अक्टूबर को कोतवाली कलियर में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी ने पांच वर्षीय बच्ची को टीन शेड के पास अकेला देखकर चॉकलेट दिलाने का लालच दिया और बहला-फुसलाकर पीएनबी बैंक के पास स्थित एक खंडहर में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दरिंदगी की। इसके बाद बच्ची को गमछे पर छोड़कर फरार हो गया। अगले दिन पकड़े जाने के डर से आरोपी अपनी झुग्गी समेटकर दिल्ली भाग गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।

250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले, स्केच से भी मिली मदद

एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने स्वयं मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी की कमान संभाली। पुलिस टीम ने कलियर दरगाह परिसर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख मार्गों पर लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिलने पर पीड़िता की मदद से आरोपी का स्केच भी तैयार कराया गया।

इसके बाद पुलिस ने मैनुअल सर्विलांस और लगातार छानबीन के जरिए आरोपी की तलाश जारी रखी। करीब एक महीने के प्रयासों के बाद 5 नवंबर को पुलिस ने आरोपी को अब्दाल साहब रोड स्थित पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी के निर्देश पर बनी रणनीति, पुलिस टीम को मिली सफलता

पांच वर्षीय मासूम से जुड़ा यह संवेदनशील मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। आरोपी वारदात के बाद अपना ठिकाना बदलकर दूसरे राज्य में चला गया था, लेकिन कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

आरोपी की गिरफ्तारी में पुलिस टीम का रहा अहम योगदान
मासूम बच्ची से दरिंदगी के मामले का खुलासा करने में कोतवाली कलियर पुलिस और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम का अहम योगदान रहा। प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब एक महीने तक लगातार सुराग जुटाए। सीसीटीवी फुटेज खंगालने, संदिग्धों की तलाश करने और पीड़िता की मदद से आरोपी का स्केच तैयार कराने में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आखिरकार पुलिस टीम की कड़ी मेहनत और लगातार प्रयासों के चलते आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार सैनी, उपनिरीक्षक योगेश, अमित नोटियाल, महिला उपनिरीक्षक एकता ममगाईं, अपर उपनिरीक्षक सूरज नेगी, कुन्दन रावत, रामअवतार, हेड कांस्टेबल सोनू कुमार, माजिद खान, इसरार अली, रविन्द्र बालियान, जमशेद अली, अमित कुमार, जयप्रकाश, कांस्टेबल विक्रम चौहान, जितेंद्र सिंह, नीरज राणा तथा सीआईयू रुड़की के हेड कांस्टेबल मनमोहन भंडारी, कांस्टेबल महिपाल सिंह और रविन्द्र खत्री शामिल रहे।