हरिद्वार महिला अस्पताल NPPL सुपरवाइजर पर छेड़छाड़ का आरोप, शिकायत के बाद भी खामोश प्रबंधन, सिस्टम में कौन है मददगार

हरिद्वार: महिला अस्पताल NPPL के ड्रेस खरीद के चेक बाउंस, ज्वालापुर के व्यापारी ने भेजा नोटिस

पुलिस को मिली शिकायत, मुकदमा किया जा रहा दर्ज, पहले भी आई शिकायत, स्वास्थ्य विभाग ने आँखे मूंदी

हरिद्वार। हरिद्वार का महिला अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल में संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही निजी कंपनी NPPL के एक सुपरवाइजर पर महिला कर्मचारी ने छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। महिला कर्मचारी ने नगर कोतवाली में शिकायत दी है। पुलिस के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

शिकायत सामने आने के बाद अस्पताल में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप यह भी हैं कि संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आई थीं। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कोई एक्शन नहीं लिया। वही महिला अस्पताल में आए दिन हो रहे विवादों पर स्वास्थ्य विभाग भी चुप्पी साधे बैठा है।

प्रबंधन पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप

महिला कर्मचारी की शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

वेतन और भुगतान विवाद भी चर्चा में

NPPL की कार्यप्रणाली को लेकर इससे पहले भी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने के आरोप उठ चुके हैं। इसके अलावा, अस्पताल की ड्रेस खरीद के भुगतान को लेकर चेक बाउंस होने का मामला भी चर्चा में रहा है।

करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बनी 200 बेड की नई बिल्डिंग का संचालन PPP मॉडल के तहत 30 साल के लिए निजी कंपनी को सौंपे जाने की जानकारी है। डॉक्टरों और कर्मचारियों की सैलरी भी नहीं मिल पा रही है। यही नहीं ज्वालापुर के कारोबारी का चेक भी बाउंस हुआ था। जिसके बाद कारोबारी ने नोटिस प्रबंधन को भेजा था।