अतीक साबरी:-
कलियर शरीफ के 758वें उर्स मेले में भारी भीड़ के बीच कानून-व्यवस्था से लेकर यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक व्यवस्थाओं को संभालने में हरिद्वार पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेला कोतवाल एवं कलियर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार मैदान में डटी रही। दिन-रात ड्यूटी और लगातार निरीक्षण के चलते मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में पुलिस को काफी सफलता मिली।
उर्स के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वीआईपी पास कल्चर पर रोक और मेला क्षेत्र में बड़े वाहनों की एंट्री बंद किए जाने का फैसला भीड़ के दिनों में काफी कारगर साबित हुआ। इससे मुख्य मार्गों और मेला क्षेत्र में अनावश्यक जाम की स्थिति पर काफी हद तक नियंत्रण रहा और जायरीनों को आवागमन में राहत मिली।
पुलिस टीम ने मुख्य गेट, पहाड़ी गेट, अजमेरी बाजार, टंकी चौक समेत प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी रखी।इसी बीच मेले में अपने परिजनों से बिछड़े 23 बच्चों को स्मार्ट सेफ्टी टैग और पुलिस की संयुक्त व्यवस्था के माध्यम से सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट सेफ्टी टैग के जरिए बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने में मदद मिली। पुलिस के खोया-पाया केंद्र और हेल्प डेस्क को भी इस व्यवस्था से काफी सहयोग मिला।
बच्चों के सकुशल परिवार से मिलने पर परिजनों ने पुलिस और स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम का आभार जताया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखरचंद सुयाल के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी भगवानपुर के पर्यवेक्षण में मेला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाए रखा। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और जायरीनों की सहायता समेत विभिन्न मोर्चों पर पुलिसकर्मी लगातार सक्रिय रहे।
लगातार ड्यूटी का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ा उर्स की व्यवस्थाओं को लेकर मेला कोतवाल कमल मोहन भंडारी स्वयं लगातार मैदान में सक्रिय रहे। कई दिनों तक लगातार ड्यूटी, निरीक्षण और व्यवस्थाओं की निगरानी के बीच उनकी तबीयत भी खराब हो गई, बावजूद इसके उन्होंने जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय टीम के साथ व्यवस्थाओं को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
उनकी अगुवाई में पुलिस टीम की सक्रियता का असर पूरे मेला क्षेत्र में दिखाई दिया।स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम को मिला सम्मानउर्स मेले में 23 बिछड़े बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने की उपलब्धि पर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखरचंद सुयाल ने स्मार्ट सेफ्टी टैग टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों का कहना है कि क्यूआर कोड आधारित यह व्यवस्था बड़े धार्मिक मेलों, कुंभ, तीर्थ स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा और परिवार से बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
उर्स मेले की व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस की सक्रियता और मेला कोतवाल कमल मोहन भंडारी की अगुवाई में टीम के लगातार मैदान में मौजूद रहने से श्रद्धालुओं और जायरीनों को काफी राहत मिली। पुलिस की इस कार्यशैली को मेले की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संचालित करने में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।