कलियर उर्स VIP वाहन पास का कल्चर खत्म, जायरीनों को मिली बड़ी राहत

News 129:-पिरान कलियर।

हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स में इस बार पुलिस की यातायात और सुरक्षा रणनीति का असर मेला क्षेत्र में साफ दिखाई दिया। भगवानपुर सीओ सुमित पांडेय और मेला कोतवाल कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस ने वीआईपी वाहन पास के जरिए मेला क्षेत्र में होने वाली अनावश्यक वाहनों की एंट्री पर प्रभावी रोक लगाई। इसका सीधा फायदा देशभर से पहुंचे जायरीनों और श्रद्धालुओं को मिला।

पिछले उर्स मेलों में वीआईपी और वाहन पास के जरिए कई वाहन मेला क्षेत्र के भीतर तक पहुंच जाते थे। इसके अलावा चार पहिया और बड़े वाहनों की आवाजाही के कारण संकरे रास्तों पर जाम की स्थिति बनती थी। जाम में फंसने वाले जायरीनों को घंटों परेशानी उठानी पड़ती थी और मेला क्षेत्र में अव्यवस्था का माहौल पैदा हो जाता था।लेकिन इस बार पुलिस ने ‘पहले जायरीन, बाद में वाहन’ की नीति पर काम करते हुए मेला क्षेत्र में बड़े वाहनों की एंट्री को नियंत्रित रखा। वीआईपी वाहन पास की व्यवस्था को खत्म करने से मेला क्षेत्र में वाहनों का दबाव काफी कम रहा और पैदल जायरीनों के आवागमन में आसानी हुई।

एसएसपी भुल्लर का फैसला रहा निर्णायक, कमल मोहन भंडारी की रणनीति ने संभाला उर्सपिरान कलियर। साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर का कलियर कोतवाल कमल मोहन भंडारी को मेला कोतवाल की जिम्मेदारी देने का फैसला निर्णायक साबित हुआ। स्थानीय अनुभव और कलियर की व्यवस्थाओं की समझ होने के कारण भंडारी ने उर्स से पहले ही टेंपो, मेटाडोर, होटल, मिष्ठान और मार्केट यूनियन के साथ-साथ सज्जादानशीन व दरगाह प्रबंधन से बैठक कर व्यवस्थाओं की बारीकी से तैयारी की।मेला कोतवाल ने दरगाह प्रशासन के साथ मिलकर बाजारों से अतिक्रमण हटवाकर रास्ते भी चौड़े कराए, जिससे जायरीनों के आवागमन में राहत मिली। वहीं एसपी देहात शेखर चंद सुयाल भी लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण करते रहे और समय-समय पर पुलिस टीम का हौसला बढ़ाते हुए जायरीनों की व्यवस्था बेहतर कराने के प्रयासों में जुटे रहे।एसएसपी भुल्लर के भरोसे पर कमल मोहन भंडारी ने दिन-रात मेहनत कर उर्स की व्यवस्थाओं को संभाला और इसे शांतिपूर्ण व सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

VIP पास खत्म करने का फैसला बना राहत की वजह मेला व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वीआईपी वाहन पास को लेकर दिखाई दिया। इस बार पास के जरिए मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री नहीं होने दी गई। पुलिस के इस फैसले से उन रास्तों पर अनावश्यक वाहन खड़े होने और जाम लगने की संभावना काफी कम हुई, जहां पूर्व में भीड़ के समय यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती थी।

जायरीनों का कहना है कि इस बार मेला क्षेत्र में वाहन कम होने के कारण पैदल चलने में काफी राहत मिली। श्रद्धालुओं को अपने परिवार और बुजुर्गों के साथ मेला क्षेत्र में आवागमन करने में पहले की अपेक्षा आसानी रही।

CO सुमित पांडेय और कमल मोहन भंडारी की रणनीति की चर्चाउर्स जैसे विशाल आयोजन में लाखों जायरीनों की भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था को संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। सीओ सुमित पांडेय और मेला कोतवाल कमल मोहन भंडारी ने इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए वाहनों की एंट्री को नियंत्रित करने और मेला क्षेत्र को अनावश्यक ट्रैफिक से बचाने पर विशेष जोर दिया।

कोतवाल कमल मोहन भंडारी के अनुभव और मौके के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता का असर मेला क्षेत्र में दिखाई दिया। वहीं सीओ सुमित पांडेय के नेतृत्व और निगरानी में पुलिस टीम लगातार व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में जुटी रही।

वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश बिष्ट समेत पुलिस टीम ने संभाला मोर्चामेला व्यवस्था को सफल बनाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश बिष्ट समेत पुलिस टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिसकर्मी दिन-रात अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी देकर यातायात, सुरक्षा और जायरीनों की सुविधा पर नजर बनाए रहे।उर्स के दौरान भीड़ बढ़ने के बावजूद पुलिस ने वाहनों की अनावश्यक आवाजाही को नियंत्रित रखा, जिससे मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति को काफी हद तक रोकने में मदद मिली।

जायरीनों की सुविधा को प्राथमिकता देने की बनी मिसाल758वें उर्स में VIP वाहन पास के चलन पर रोक और बड़े वाहनों की एंट्री नियंत्रित करने का फैसला जायरीनों की सुविधा को प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की इस रणनीति से यह संदेश भी गया कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी व्यवस्था का पहला उद्देश्य आम जायरीन और श्रद्धालुओं की सुविधा होना चाहिए।

सीओ सुमित पांडेय, मेला कोतवाल कमल मोहन भंडारी और वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम की दिन-रात की मेहनत ने इस बार उर्स की व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई। जायरीनों के बीच भी पुलिस की यातायात व्यवस्था और VIP वाहन पास पर रोक को लेकर सकारात्मक चर्चा देखने को मिल रही है।