ऑटोलिफ्टर गैंग का बड़ा भंडाफोड़: हरिद्वार पुलिस ने 25 चोरी की बाइक बरामद, दो शातिर गिरफ्तार

NSG:-NEWS 129 हरिद्वार।

हरिद्वार पुलिस ने एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय ऑटोलिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली रानीपुर पुलिस और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 25 चोरी की मोटरसाइकिलें और कई वाहन पार्ट्स बरामद किए हैं। बरामद वाहनों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार रानीपुर क्षेत्र में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के बाद एसएसपी नवनीत सिंह ने प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे। पुलिस ने घटनास्थलों का बारीकी से निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की।

21 जुलाई को पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर नहर पटरी से जमालपुर जाने वाले कच्चे रास्ते के पास से भव्य उर्फ भोला और सुधीर कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से चोरी की एक स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तर प्रदेश के बिजनौर सहित कई क्षेत्रों से दोपहिया वाहन चोरी कर उन्हें सस्ते दामों में बेच देते थे। जो वाहन नहीं बिकते थे, उनके पार्ट्स निकालकर अलग-अलग बेच दिए जाते थे। आरोपियों ने दादूपुर गोविंदपुर स्थित एक खंडहर को चोरी की बाइकों का ठिकाना बना रखा था।पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर खंडहर में छापेमारी कर 24 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में वाहन पार्ट्स बरामद किए।

बरामद वाहनों में कोतवाली रानीपुर, ज्वालापुर, नगर कोतवाली, थाना सिडकुल, मंगलौर तथा उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से चोरी की गई बाइकें शामिल हैं। कुछ अन्य वाहनों की पहचान और उनके मालिकों का पता लगाया जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भव्य उर्फ भोला पहले भी बिजनौर में वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है, जबकि उसका साथी सुधीर पेशे से मोटर मैकेनिक है। दोनों मिलकर लंबे समय से अंतरराज्यीय वाहन चोरी के नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

इस कार्रवाई को सफल बनाने में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी, सीआईयू प्रभारी नरेन्द्र सिंह बिष्ट समेत रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।