कलियर, ठेका नहीं, फिर भी कारोबार जारी! दरगाह की करोड़ों की दुकानों पर उठे गंभीर सवाल

NSG:-news129

पिरान कलियर। दरगाह साबिर पाक में सालाना ठेकों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण दुकानों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 13 जून 2026 को दरगाह प्रशासन द्वारा विभिन्न ठेकों की नीलामी एवं आवंटन प्रक्रिया संपन्न कराई गई, लेकिन करोड़ों रुपये के राजस्व से जुड़ी दुकान नंबर-1 (प्रसाद विक्रय) और दुकान नंबर-3 का ठेका नहीं हो सका।

सूत्रों के अनुसार इन दुकानों के लिए कोई वैध टेंडर भी दाखिल नहीं किया गया।सूत्रों का दावा है कि वर्तमान में दुकानों का संचालन कर रहे ठेकेदारों ने प्रशासन को भ्रमित कर ठेका प्रक्रिया प्रभावित की, जिसके चलते इन दुकानों का पुनः आवंटन नहीं हो पाया। जबकि दो दिन पूर्व ही रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र सेठ द्वारा संबंधित दुकानों को खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। बताया जाता है कि दरगाह प्रशासन के पीआरडी जवान भी दुकानों पर पहुंचे और संचालकों को दुकान खाली करने की सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद अभी तक दुकानों का कब्जा प्रशासन को नहीं सौंपा गया।

डेली वेज की शर्तों का भी उल्लंघन?जानकारी के अनुसार वर्तमान संचालकों को ये दुकानें डेली वेज व्यवस्था के तहत दी गई थीं। नियमों के मुताबिक उन्हें प्रतिदिन दरगाह प्रशासन से रसीद कटवाकर शुल्क जमा करना था, लेकिन आरोप है कि कई बार 12 से 15 दिन बाद एकमुश्त भुगतान किया गया। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि दरगाह की आय को भी प्रभावित करने वाला मामला माना जा सकता है।

उर्स सीजन की भीड़ के बीच बढ़ा विवाद इन दिनों दरगाह साबिर पाक में जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे समय में इन दुकानों से प्रतिदिन अच्छी आय होने की संभावना रहती है। बावजूद इसके यदि दुकानों का नियमित ठेका नहीं हुआ और पुराने संचालक ही व्यवस्था चलाते रहे तो दरगाह को लाखों रुपये के संभावित राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

अब सबकी नजर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के फैसले परसबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक Ram Chandra Seth इन दुकानों को खाली कराकर दोबारा पारदर्शी तरीके से ठेका प्रक्रिया संपन्न कराएंगे, या फिर पूर्व की व्यवस्था के तहत ही वर्तमान संचालकों को संचालन जारी रखने दिया जाएगा?