अतीक साबरी:--
पड़ोसी महिला कपड़े दिलाने के बहाने ले गई थी दिल्ली, फिर ‘मंगलौर’ के नाम पर ‘बैंगलोर’ ले जाकर बेचा सपना
– एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से 2000 KM दूर से किया रेस्क्यू-
हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक बड़ी और सनसनीखेज कामयाबी हासिल की है। रुड़की क्षेत्र से गायब हुई 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को पुलिस ने करीब 2000 किलोमीटर दूर कर्नाटक (बैंगलोर) से सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपी महिला बच्ची को गुमराह कर बड़े शहरों में भीख मंगवाने और अनैतिक कार्यों के दलदल में धकेलने की फिराक में थी।कपड़े दिलाने के बहाने किया अपहरणघटना 9 अप्रैल की है, जब पिरान कलियर क्षेत्र में रहने वाली एक पड़ोसी महिला ने 14 वर्षीय किशोरी को कपड़े दिलाने के बहाने फुसलाया। वह उसे रुड़की से सहारनपुर और फिर दिल्ली ले गई। दिल्ली में पैसे खत्म होने पर आरोपी महिला ने बच्ची को मंगलौर (हरिद्वार) वापस ले जाने का झूठ बोला और उसे ‘कर्नाटक एक्सप्रेस’ में बैठाकर बैंगलोर ले गई। बच्ची का मोबाइल फोन स्विच ऑफ करवा दिया गया था ताकि वह अपनी मां से संपर्क न कर सके।बेबस मां की उमीद बनी पुलिसपीड़िता की मां, जो कि मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली है और कलियर में भीख मांगकर गुजारा करती है, ने 10 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। गरीब और लाचार मां को उम्मीद नहीं थी कि पुलिस उसकी मदद करेगी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार ने तुरंत टीम गठित कर बच्ची की तलाश के निर्देश दिए।लोकेशन ने खोला राज, बैंगलोर में पकड़ी गई आरोपीपुलिस टीम ने सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन खंगाली। संदिग्ध महिला की लोकेशन दिल्ली, लखनऊ और मध्य प्रदेश होते हुए कर्नाटक के बैंगलोर में मिली। पुलिस टीम ने तत्काल कर्नाटक पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी महिला को गिरफ्तार किया और बच्ची को सुरक्षित बरामद किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी महिला का उद्देश्य बच्ची से भीख मंगवाना और उसे गलत कामों में धकेलेना था।एसएसपी ने टीम को सराहासमय रहते पुलिस की तत्परता से बच्ची गलत हाथों में जाने से बच गई। इस सफलता पर एसएसपी हरिद्वार ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। टीम में प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी, व.उ.नि. देवेन्द्र सिंह तोमर, अ.उ.नि. रामअवतार, हो.का. सोनू कुमार, कानि. महिपाल तोमर और म.कानि. सरिता राणा शामिल रहे।
