​दो पत्नियों के खर्च ने बनाया ‘स्नैचर’, सिडकुल पुलिस ने चंद घंटों में सलाखों के पीछे भेजा

अतीक साबरी:-​-

-एसएसपी नवनीत सिंह के ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देश पर सिडकुल पुलिस की बड़ी कार्रवाई

– थानाध्यक्ष नितेश शर्मा की टीम ने डिजिटल साक्ष्यों के जाल में फंसाया शातिर लुटेरा​- लूट के सोने के कुंडल और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद, आरोपी गिरफ्तार​

हरिद्वार। सिडकुल थाना क्षेत्र के रोशनाबाद में महिला से कुंडल झपटमारी की वारदात को अंजाम देने वाले शातिर लुटेरे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसएसपी नवनीत सिंह द्वारा अपराधियों के विरुद्ध अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत थानाध्यक्ष नितेश शर्मा के नेतृत्व में सिडकुल पुलिस ने न केवल वारदात का खुलासा किया, बल्कि लूटा गया शत-प्रतिशत माल भी बरामद करने में सफलता हासिल की है।​

सीसीटीवी और सटीक सुरागरसी से मिला सुराग:-बीती 27 मार्च को रोशनाबाद निवासी एक महिला के कुंडल लूटकर अज्ञात बाइक सवार फरार हो गया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल से लेकर भागने वाले रास्तों तक के दर्जनों सीसीटीवी कैमरे खंगाले। डिजिटल साक्ष्यों और सटीक मुखबिरी के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी तेज की। आखिरकार 1 अप्रैल को चैकिंग के दौरान पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध बाइक सवार नसीम मलिक को धर दबोचा।​

बहानेबाजी नहीं आई काम, कबूला जुर्म:-पकड़े गए आरोपी नसीम मलिक (32 वर्ष) निवासी गोविन्दपुर दादूपुर ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसकी दो पत्नियां हैं, जिनका खर्च उठाना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। आर्थिक तंगी और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के चक्कर में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और झपटमारी शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटी गई पीली धातु (कुंडल) और वारदात में इस्तेमाल स्प्लेंडर प्लस बाइक (UK08BE-1668) बरामद की है।​

पुलिस टीम की मुस्तैदी को मिली सराहना:-इस चुनौतीपूर्ण केस को सुलझाने में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा की रणनीति कारगर साबित हुई। टीम में व0उ0नि0 देवेन्द्र सिंह तोमर, उ0नि0 शैलेन्द्र मंमगाई, हे0का0 देशराज, प्रेमसिंह, जितेन्द्र मलिक और का0 गजेन्द्र प्रसाद शामिल रहे।

एसएसपी ने पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और सटीक इन्वेस्टिगेशन की सराहना की है।​”अपराध करोगे तो बचोगे नहीं”हरिद्वार पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि जनपद की सीमा में अपराध करने वाला कोई भी अपराधी कानून की पकड़ से बाहर नहीं रह सकता। सिडकुल पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए कड़ा सबक है।