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साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत, अनजान लिंक और फर्जी KYC के झांसे में न आने की अपील
बहादराबाद। साइबर अपराधियों के बदलते तरीकों के बीच बहादराबाद पुलिस ने आमजन को जागरूक करने के लिए एक अनूठी पहल की है। रामलीला के मंच को जागरूकता का माध्यम बनाते हुए कोतवाली बहादराबाद में तैनात उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने रामायण के प्रसंगों के जरिए सैकड़ों दर्शकों को साइबर ठगी से बचाव का संदेश दिया। उन्होंने ‘डिजिटल रावण’ का उदाहरण देकर समझाया कि जिस तरह रावण ने साधु का वेश धारण कर छल किया था, उसी तरह आज साइबर अपराधी भी अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
त्योहारी सीजन में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य से उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आयोजित इस जागरूकता पहल में हेमदत्त भारद्वाज ने धार्मिक प्रसंगों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल भाषा में समझाया। रामलीला देखने पहुंचे लोगों को बताया गया कि थोड़ी-सी लापरवाही उनकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है।
दस सिरों वाले रावण की तरह कई रूप बदल रहे साइबर ठग उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने अरण्य कांड में माता सीता के हरण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि छल और भेष बदलकर विश्वास जीतना अपराधियों का पुराना तरीका रहा है। आज यही तरीका डिजिटल दुनिया में देखने को मिल रहा है। साइबर ठग कभी बैंक कर्मचारी, कभी कस्टमर केयर प्रतिनिधि, तो कभी CBI या पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं। वहीं, कुछ ठग रिश्तेदार बनकर मदद के नाम पर रुपये मांगते हैं।उन्होंने बताया कि फर्जी लॉटरी, नौकरी का लालच, फर्जी लोन, KYC अपडेट के नाम पर भेजे जाने वाले संदेश और संदिग्ध लिंक के माध्यम से लोगों को निशाना बनाया जाता है। अब AI और डीपफेक जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर आवाज और वीडियो के जरिए भी लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा सकती है। ऐसे में किसी भी सूचना पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है।
साइबर ठगों से बचने के लिए बताईं जरूरी सावधानियां हेमदत्त भारद्वाज ने लोगों को साइबर सुरक्षा की लक्ष्मण रेखा याद रखने की अपील करते हुए कहा कि अपनी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। उन्होंने विशेष रूप से इन सावधानियों पर जोर दिया—
OTP और पासवर्ड गोपनीय रखें: बैंक खाते, कार्ड, OTP और अन्य गोपनीय जानकारी किसी को न बताएं।अनजान लिंक से बचें: संदिग्ध संदेशों में आए लिंक पर क्लिक न करें और अनजान स्रोत से ऐप डाउनलोड करने से बचें।फर्जी अधिकारी बनकर डराने वालों से सतर्क रहें: फोन पर पुलिस, CBI या बैंक अधिकारी बताकर पैसे मांगने अथवा डराने वालों की बातों में न आएं।
AI और डीपफेक की पहचान को लेकर सतर्क रहें: किसी परिचित की आवाज या वीडियो में रुपये मांगने का संदेश मिले तो दूसरे विश्वसनीय माध्यम से पुष्टि करें।सोशल मीडिया खाते सुरक्षित रखें: मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
ATM पर सावधानी बरतें: अपना PIN गोपनीय रखें और अनजान व्यक्ति को कार्ड या खाते से जुड़ी जानकारी न दें।लुभावने प्रस्तावों से बचें: नौकरी, लॉटरी और फर्जी निवेश या लोन के लालच में आकर बैंकिंग जानकारी साझा न करें।ठगी होने पर घबराएं नहीं, तुरंत 1930 पर करें शिकायतउप निरीक्षक ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो उसे समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है।
शीघ्र शिकायत करने से ठगी गई धनराशि को आगे स्थानांतरित होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।उन्होंने लोगों से अपील की कि साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचने के लिए खुद जागरूक बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सतर्क करें।
धार्मिक मंच से जनहित का संदेश, दर्शकों ने सराहा प्रयास रामलीला जैसे लोकप्रिय सांस्कृतिक मंच पर साइबर सुरक्षा का संदेश देकर हेमदत्त भारद्वाज ने धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से आधुनिक दौर के अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। इस पहल में परंपरा और तकनीक को जोड़ते हुए लोगों को यह समझाया गया कि जैसे मर्यादा की रक्षा के लिए लक्ष्मण रेखा का महत्व है, वैसे ही डिजिटल दुनिया में सतर्कता और सावधानी की सीमा का पालन करना जरूरी है।बहादराबाद पुलिस की इस पहल की रामलीला समिति और उपस्थित दर्शकों ने सराहना की। जागरूकता का यह संदेश साफ है—डिजिटल दुनिया में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें, सतर्क रहें और साइबर ठगों के मंसूबों को नाकाम बनाएं।