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कलियर। दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स की महत्वपूर्ण रस्मों में शामिल साबरी लंगर उठाने की रस्म शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अदा की गई। इस दौरान खत्म शरीफ और कलाम पाक की आयतें पढ़ी गईं तथा लंगर के अदब, एहतराम और पाकीजगी का विशेष ध्यान रखा गया।

साबरी लंगर उठाने की रस्म शज्जादा नशीन शाह अली शाह मियां साबरी के प्रतिनिधि शाह सुहैल मियां, यावर मियां, लंगर इंचार्ज असलम कुरैशी और नोमी मियां साबरी ने अदा की। रस्म के बाद लंगर का वितरण शुरू किया गया।उर्स मेले में आने वाले सूफी संतों, मस्त मलंगों और जायरीनों के ठहरने के स्थानों पर उनकी गद्दियों और स्थानों तक लंगर पहुंचाया जाएगा।
दरगाह की प्रमुख रस्मों के दौरान दोनों समय लंगर वितरण की व्यवस्था रहेगी।लंगर की रस्म को लेकर दरगाह प्रबंधन की ओर से पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और भोजन की मात्रा भी बढ़ाई गई है। लंगर उठाने व वितरण के दौरान साफ-सफाई और पाकीजगी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
दरगाह प्रबंधक एवं तहसीलदार रुड़की विकास अवस्थी ने लंगर की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। उर्स के दौरान लंगर व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।