अतीक साबरी:-(news129)
-गंदे पानी के तालाब से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर नौनिहाल, जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही से मंडराया महामारी का खतरा-वार्ड नंबर 5 के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के रास्ते पर टूटी सड़क और जलभराव बना बड़ी मुसीबत, जहरीले जीवों के खौफ के साए में पढ़ाई करने को विवश हैं छात्र, बार-बार की शिकायतों के बाद भी अब तक नहीं हुआ कोई समाधान
पिरान कलियर:-वार्ड नंबर 5 स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले मासूम बच्चों का भविष्य इस समय प्रशासनिक उदासीनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही के कारण गंदे पानी के बीच डूबता नजर आ रहा है। स्कूल के मुख्य रास्ते पर लंबे समय से टूटी पड़ी सड़क और उसमें गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका गंदा पानी बच्चों के दर्द और बेबसी की जीती-जागती कहानी बयां कर रहा है। रोज सुबह जब छोटे-छोटे नौनिहाल सज-धजकर स्कूल के लिए निकलते हैं, तो उन्हें शिक्षा के मंदिर में प्रवेश करने से पहले इस बदबूदार और दूषित पानी के तालाब से होकर गुजरना पड़ता है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि कई बार बच्चे इस गंदे पानी में गिरकर चोटिल हो जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें तक खराब हो जाती हैं, जिससे उन्हें वापस घर लौटना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या सिर्फ स्कूल के मुख्य द्वार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्कूल से आगे जाने वाली पूरी सड़क पर भी गंदे पानी का अंबार लगा हुआ है। जल निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण नालियों का सारा गंदा और बदबूदार पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है, जिसने अब एक स्थाई जलभराव का रूप ले लिया है।
तपती गर्मी और उमस के इस मौसम में हफ्तों से जमा इस दूषित पानी के कारण पूरे क्षेत्र में भयंकर दुर्गंध फैली हुई है, जिससे स्थानीय लोगों और स्कूल के स्टाफ का जीना मुहाल हो गया है। सबसे बड़ा डर इस बात का है कि इस सड़ते हुए पानी के कारण क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया, डायरिया और त्वचा रोगों जैसी भयानक महामारी फैलने का खतरा तेजी से मंडराने लगा है। मच्छरों और मक्खियों के पनपने से स्कूल के बच्चों के स्वास्थ्य पर हर पल गंभीर संकट मंडरा रहा है।इस गंभीर विषय का एक और सबसे डरावना पहलू यह है कि इस घुटने तक भरे गंदे पानी और आस-पास उगी झाड़ियों में कभी भी कोई जहरीला जीव या सांप-बिच्छू आ सकता है।
स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चों को यह भी पता नहीं होता कि पानी के नीचे कहां गहरा गड्ढा है और कहां कोई खतरनाक जीव छिपा बैठा है। ऐसे में किसी भी दिन कोई बड़ी और अप्रिय घटना घटित हो सकती है, जो सीधे तौर पर बच्चों की जान को जोखिम में डाल रही है। क्षेत्र के लोगों ने अत्यंत आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि देश को डिजिटल और स्मार्ट बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बुनियादी शिक्षा पाने के लिए भी बच्चों को नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी और घोर निराशा की बात यह है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि आज इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय वार्ड वासियों और जागरूक नागरिकों द्वारा इस जनसमस्या को लेकर कई बार स्थानीय पार्षदों, विधायकों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी ने इस बदहाली को दूर करने का कोई प्रयास नहीं किया। जनप्रतिनिधियों की यह घोर लापरवाही साफ तौर पर दर्शाती है कि उन्हें जनता की बुनियादी सहूलियतों और मासूम बच्चों के स्वास्थ्य व जीवन की कोई परवाह नहीं है।
मोहल्ले के लोगों ने अब प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस टूटी सड़क का निर्माण कर जलभराव की समस्या का तुरंत स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो वे बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
