हरिद्वार। 28 मार्च 2026 को चेनराय स्थित जिला महिला चिकित्सालय के एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग के संचालन के लिए नोवस पैथोलॉजिस्ट प्राइवेट लिमिटेड को मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार द्वारा अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके साथ ही अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा अस्पताल में ओपीडी सेवा शुरू कर दी गई है। ओपीडी का समय सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक रहेगा। फिलहाल अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग, नवजात शिशु एवं बाल रोग, जनरल मेडिसिन, हड्डी एवं जोड़ रोग और अस्थमा से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 24 घंटे फार्मेसी और लैब सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दूसरे चरण में अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह से आईपीडी सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। यह अस्पताल एचबीए यूनिवर्सिटी अहमदाबाद के सहयोग से संचालित किया जा रहा है और यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला अस्पताल होगा, जहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा और ऋषिकेश व देहरादून रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में भी कमी आएगी।
अस्पताल में निःशुल्क डिलीवरी, आयुष्मान योजना, गोल्डन कार्ड, ईएसआई और टीपीए सहित लगभग सभी सरकारी योजनाओं के तहत इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। यह संस्थान प्रदेश की पहली ऐसी एमसीएच इकाई होगी जहां पीजी कोर्स भी संचालित किए जाएंगे, जिससे राज्य को विशेषज्ञ चिकित्सक मिल सकेंगे। इसके अलावा अस्पताल में रिसर्च, आईसीयू, सीएमई और ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे।
अस्पताल में फिलहाल कई विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुचिता सिंह, डॉ. सोनू रावत, डॉ. विना कुमारी, नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास और डॉ. स्मृति, एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. श्वेता गौतम, जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीरज सैनी, डॉ. मंजिता सिंह, जनरल सर्जन डॉ. मुकेश, हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. ए. जैन, डॉ. अनंत जैन, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गुप्ता और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. संजय शर्मा शामिल हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे सेवाएं भी जल्द शुरू की जा रही हैं।
गंभीर मरीजों के लिए 10 बेड की डायलिसिस यूनिट भी जल्द शुरू की जाएगी। इसके अलावा अस्पताल में लगभग 100 कर्मचारियों, जिनमें नर्स, टेक्नीशियन और अन्य सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं, की नियुक्ति भी की जा चुकी है। अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक संसाधन और लाइसेंस प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
यह नई स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने से हरिद्वार जनपद के मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिलने की उम्मीद है।