uttranchal punjabi mahasabha program in haridwar

मेयर के अपमान से क्या भाजपा को हुआ नुकसान, पढिए क्या बोले हरिद्वारवासी

चंद्रशेखर जोशी।
हरिद्वार की मेयर अनीता शर्मा का पंजाबी महासभा के लोहडी महोत्सव कार्यक्रम में कथित अपमान को लेकर हरिद्वार में बुधवार को दिन भर चर्चा गरम रही। आमतौर पर इस मामले को लेकर मेयर अनीता शर्मा के साथ लोगों की सहानुभूति देखी गई। कांग्रेस भी इसके लिए भाजपा पर हमलावर हो रही है। वहीं भाजपा ने साफ कर दिया कि जो भी हुआ उसमें आयोजकों की गलती रही। भाजपा या उनके किसी पदािधकारी या नेता ने किसी दुर्भावना से ऐसा नहीं किया। हालांकि पंजाबी महासभा के कुछ पदाधिकारियों ने भी ये बात कबूल की है कि भाजपा मानसिकता वाले कुछ लोगों ने जल्दबाजी में मंच पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और भाजपा विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा और डीएम दीपक रावत से दीप प्रज्वलित करा दिया। हरिद्वार के लोगों की इस मामले में क्या राय है इससे पहले आपको पूरा किस्सा बताते हैं आखिर ऋषिकुल मैदान में हुआ क्या था।

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क्या था प्रकरण: कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों के मुताबिक पंजाबी सिंगर मलखीत औलख के कार्यक्रम में भारी भीड जुटी थी। कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, रूडकी विधायक प्रदीप बत्रा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान और जिलाधिकारी दीपक रावत व हरिद्वार की पहली महिला मेयर अनीता शर्मा मौजूद थी। अनीता शर्मा जब आई तो मंच से उनका नाम नहीं लिया गया। इसके बाद जब मदन कौशिक पहुंचे तो उन्हें सीधे मंच पर ले जाकर दीप प्रज्वलित कार्यक्रम कर दिया गया। इसमें विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा और दीपक रावत मंच ही थे, लेकिन अनीता शर्मा को नहीं बुलाया गया। यही नहीं बाद में अपने संबोधन में ना तो शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने मेयर अनीता शर्मा का नाम लिया और नहीं किसी अन्य पदाधिकारी ने। हालांकि वहां मौजूद कुछ पदाधिकारियों के विरोध के बाद अनीता शर्मा को मंच पर बुलाए जाने लगा। लेकिन तब तक अनीता शर्मा मंच से नीचे वीवीआईपी सेक्शन से उठकर कार्यक्रम से चलती बनी। ये घटना बाद में चर्चा का विषय बनी।
क्या कहते हैं हरिद्वार के नागरिक: वरिष्ठ पत्रकार आदेश त्यागी ने बताया कि हालांकि ये जिम्मेदारी आयोजकों की बनती है कि अपने अतिथियों को उचित सम्मान ​दें। लेकिन फिर भी चूंकि मदन कौशिक जैसे सुलझे हुए नेता कार्यक्रम में मौजूद थे और वहां मेयर अनीता शर्मा की अनदेखी होती है तो ये सवाल खुदबखुद उठ जाता है। हालांकि इसमें मदन कौशिक का कोई रोल भले ही ना हो, लेकिन जिस प्रकार से हरिद्वार की राजनीति पिछले कुछ दिनों से चल रही है। उसके बाद इस घटना ने मेयर अनीता शर्मा को पीडित साबित कर दिया। इससे सीधे तौर पर उनको सहानुभूति मिली है।
वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि डोभाल बताते हैं कि नगर निगम चुनाव के बाद से ही मेयर अनीता शर्मा भाजपा पर दोहरे रवैये का आरोप लगाती रही है। अब इस घटना के बाद उनके इन आरोपों के फिर से हवा मिली है। हालांकि इसका कितना राजनीतिक लाभ मेयर अनीता शर्मा को होगा, ये कहा नहीं जा सकता, लेकिन आम धारणा तो ये ही बन गई है कि उनके साथ जानबूझकर अन्याय हो रहा है। मेयर ही ना सही एक महिला के तौर पर तो उनको उचित सम्मान दिया जाना चाहिए था।
मध्य हरिद्वार निवासी नीरज सिंह ने बताया कि मैं भी कार्यक्रम में मौजूद था लेकिन जो कुछ हुआ उसे सही तो नहीं कहा जा सकता। आयोजकों को इसका ध्यान रखना चाहिए था। खैर आयोजकों को अच्छा कार्यक्रम करने के लिए बधाई भी दी जानी चाहिए। वहीं पंजाबी समाज से ही आने वाले कारोबारी सुनील गुलाटी ने बताया कि पंजाबी महासभा गैर राजनीतिक संगठन है और इसका हम सभी को ध्यान रखना चाहिए। किन परिस्थितियों में ये हुआ मैं नहीं जानता, लेकिन एक महिला मेयर को उचित सम्मान दिया जातो तो अच्छा रहता।
वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और पंजाबी महासभा के उपाध्यक्ष सुनील अरोडा ने कहा कि भाजपा मानसिकता वाले कुछ पदाधिकारियों के कारण ये सब हुआ है। इससे हमारे संगठन का कोई लेना देना नहीं है। इसका हमें खेद हैं और जल्द ही पंजाबी महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल मेयर अनीता शर्मा से मिलेगा और उनके बातचीत करेगा। वहीं पत्रकार लव शर्मा ने बताया कि मैं मौके पर मौजूद था और वहां जिस तरीके से मेयर अनीता शर्मा का अपमान किया गया, वो निहायत ही शर्मनाक है। पंजाबी महासभा का राजनीतिकरण किया जा रहा है। इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कया जाएगा। पदाधिकारियों के सामने अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
वहीं भाजपा के जिला महामंत्री विकास तिवारी ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ये एक संस्था का कार्यक्रम था, इसमें भाजपा का कोई रोल नहीं था। हमारे किसी पदाधिकारी या किसी भी नेता ने दुर्भावना से ऐसा नहीं किया। आयोजकों से भूलवश ऐसा हुआ तो इसमें भाजपा या भाजपा के नेताओं की क्या जिम्मेदारी। मेयर अनीता शर्मा का हम सभी सम्मान करते हैं। कांग्रेस को इस तरह के आरोपों से बचना चाहिए।

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