फिर विवादों में घिरे स्वामी कैलाशानंद, इस अखाड़े की संपत्ति को लेकर हुआ विवाद

विकास कुमार।
निरंजन अखाडे के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज पर एक बार फिर अखाडे की संपत्ति को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। इस बार अग्नि अखाडे के स्वामी रुद्रानंद गिरी ने स्वामी कैलाशानंद पर अग्नि अखाडे को लेकर कई संतों के फर्जी डेथ सर्टिफिकेट और अन्य जानकारी जमा करने का आरोप लगाया है। इस मामले में रुद्रानंद की ओर से कोर्ट में भी केस किया गया है। जिसके बाद स्वामी कैलाशानंद की मुश्किलें बढ रही है।
हालांकि ये पहला मौका नहीं है कि जब स्वामी कैलाशानंद पर अखाडों की संपत्ति को लेकर आरोप लगे हो। इससे पहले अग्नि अखाडे के ब्रह्मलीन संत स्वामी रसानंद महाराज की शिष्य और बाद में उनकी पत्नी तेजेंद्र कौर ने भी अखाडे की संपत्ति को भू माफियाओं के साथ मिलकर खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया था। अब नया विवाद सामने आने के बाद स्वामी कैलाशानंद फिर चर्चा में आ गए हैं।
स्वामी रूद्रानंद ने पुलिस को दिए प्रार्थनापत्र में श्री पंच अग्नि अखाड़े की ओर से सहायक निबंधक फर्म सोसायटी एवं चीट्स कार्यालय वाराणसी में 12 मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी पेश करने का आरोप लगाया है। जिसमें महन्त गोपालानंद गुरु प्रेमानंद तथा महन्त पुरुषोत्तमानंद गुरु प्रेमानंद के मृत्यु प्रमाण पत्र बिलखा जुनागढ़ के प्रस्तुत किए गए। इसी के साथ उन्होंने निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। जहां अगली सुनवाई के लिए 15 मार्च की तारीख मुकर्रर की गयी है।
स्वामी रूद्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि यदि स्वामी कैलाशानंद गिरि को निम्न सवालों का जवाब देना चाहिए।
1ः- गौमुखी गंगा और रावतेश्वर धर्मालय बिलखा जुनागढ़ गुजरात का महंत कब और कहां बनाया गया।
2ः- महंताई की चादर विधी मंे कौन-कौन लोग हाजिर रहे।
3ः- कलेक्टर जुनागढ़ को महन्त की नियुक्ति करने का आवेदन आपने दिया उस पर आपने हस्ताक्षर किए।
4ः- आपने सहमति पत्र पर कब हस्ताक्षर किए।
5ः- दिनांक 2 नवम्बर 2019 को आप कहां थे।
6ः- आपने इस सम्बन्ध में कोई कबुलात दी है।
7ः- क्या यह सही है कि आपने कबुलात पत्र में लिखा कि पूर्णानंद न तो हमारे गुरुजी का शिष्य है और न ही इस संस्था का अनुगामी है।
8ः- बिलखा जुनागढ़ के महंत बनने के बाद कितने दिन बिलखा रहें और वहां की व्यवस्था संभाली।
9ः- संपूर्णानंद कौन हं,ै जिसे गौमुखी गंगा रावतेश्वर धर्मालय बिलखा का ट्रस्टी बनाया गया है उसमें आप की सहमति है।
10ः- दिनांक 21 दिसम्बर 2019 को आप कहां थे।
11ः- दिनांक 21 दिसम्बर के दो शपथ पत्र चैरिटी कमीश्नर जुनागढ़ को प्रस्तुत किए गए जिसमें आपके फोटो के साथ हस्ताक्षर हैं।
12ः- इन सभी कागजों पर किये गये हस्ताक्षर आपके हैं अथवा किसी ओर के हैं।
13ः- कलेक्टर जुनागढ़ में आपके और मुकुनदानंद जी के विरुद्ध कोई फर्जी कागजात का केस किया गया हैं उसकी जानकारी है।
14ः- क्या यह सही है कि बिलखा में सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्रीमहंत गोपालानंद जी के भंडारे के समय किसी ओर को महन्त बनाया गया था।
स्वामी रूद्रानंद गिरि महाराज ने कहा है कि इस संबंध में भी उन्होंने शिकायत दर्ज करायी हुई है। उन्होंने कहाकि निरंजन पीठाधीश्वर यदि उक्त सवालों के जवाब दे देते है। तो माना जाएगा की वे सत्य के मार्ग के अनुगामी हैं।

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