Uttarakhand Vigilance
Uttarakhand Vigilance हरिद्वार। राज्य कर विभाग से जुड़े एक गंभीर भ्रष्टाचार मामले का खुलासा हुआ है। 24 फरवरी 2026 को हरिद्वार निवासी एक उद्योग संचालक की शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने GST कार्यालय में तैनात एक कर्मी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी हिमांशी पैकेजिंग इंडस्ट्री वर्ष 2021 में बंद हो चुकी है। GST लागू होने से पहले वर्ष 2017 के अंतिम तीन माह के VAT टैक्स को लेकर विभागीय प्रक्रिया लंबित थी, जिसकी देय राशि करीब 1.76 लाख रुपये बताई गई थी। इसी प्रकरण को “सेटल” कराने के नाम पर कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रमोद सेमवाल द्वारा कथित रूप से 1.20 लाख रुपये की अवैध मांग की गई।
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शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने गोपनीय जांच की और योजना बनाकर आरोपी को पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये लेते समय पकड़ लिया। गिरफ्तारी सहायक आयुक्त राज्य कर, खंड–3, हरिद्वार कार्यालय के पास की गई।
गिरफ्तार आरोपी प्रमोद सेमवाल, निवासी कनखल हरिद्वार, पिछले 18 वर्षों से उपनल कर्मी के रूप में राज्य कर विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पुराने VAT मामलों के निपटारे के नाम पर लोगों से पैसे मांग रहा था।
सतर्कता अधिष्ठान ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर भी इस मामले के बाद आंतरिक कार्यप्रणाली की समीक्षा की जा रही है।

