रुड़की (पिरान कलियर)।धर्मनगरी के पिरान कलियर क्षेत्र से दो नाबालिग लड़कियों के अपहरण और उनके साथ हुए दरिंदगी के मामले में विशेष अदालत ने अपना कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट (पॉक्सो) के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्मेश सिंह की अदालत ने दो मुख्य दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और उनकी मददगार महिला को 10 साल की कैद की सजा सुनाई है।
रिश्तेदारी में आई थीं नाबालिग, मुजफ्फरनगर के युवकों ने किया था कांड:-मामला वर्ष 2025 का है, जब भगवानपुर क्षेत्र की रहने वाली दो नाबालिग लड़कियां पिरान कलियर में अपनी रिश्तेदारी में आई थीं। इसी दौरान मुजफ्फरनगर के मीरापुर निवासी अर्जुन और पुरकाजी निवासी तोला ने उन्हें अपने जाल में फंसाया और बहला-फुसलाकर वहां से अपहरण कर लिया। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो मामले के तार उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब तक जुड़े मिले।
बहन के घर ले जाकर रचाई जबरन शादी:-अपहरण करने के बाद आरोपी अर्जुन दोनों नाबालिगों को पंजाब के मोहाली (मुल्लांपुर) स्थित अपनी बहन पूजा के घर ले गया। आरोप है कि पूजा ने न सिर्फ उन्हें पनाह दी, बल्कि अपने भाई अर्जुन और उसके साथी तोला के साथ नाबालिगों की जबरन शादी भी करवाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुल्लांपुर में छापेमारी कर दोनों बच्चियों को बरामद किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अदालत ने लगाया भारी जुर्माना, पीड़ितों को मिलेगा मुआवजाशासकीय अधिवक्ता विवेक कुश ने बताया कि अदालत ने गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इसे जघन्य अपराध माना।
अर्जुन और तोला: दोनों को 20-20 साल की कैद और 75-75 हजार रुपये का जुर्माना।
पूजा (बहन): 10 साल की कैद और 15 हजार रुपये का जुर्माना।
विशेष आदेश: अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि में से 25-25 हजार रुपये बतौर मुआवजा दोनों पीड़ित लड़कियों को दिए जाएंगे। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: [news129.com]