अतीक साबरी:-पिरान कलियर: विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक की पवित्रता को कुछ तथाकथित सूफी और सफेदपोश ठग कलंकित करने पर उतारू हैं। इन दिनों दरगाह परिसर और बुलंद दरवाजे के पास ऐसे फर्जी चेहरों का जमावड़ा लगा है, जो खुद को रूहानी मददगार बताकर बाहर से आने वाले भोले-भाले जायरीनों को अपना शिकार बना रहे हैं।
अर्जी के नाम पर ‘अवैध वसूली’ का खेल:-सूत्रों के मुताबिक, ये तथाकथित सूफी दरगाह के मुख्य द्वारों और सिदरी में डेरा जमाए रहते हैं। जैसे ही कोई नया जायरीन आता है, ये उन्हें ‘मन्नत की अर्जी’ और ‘विशेष दुआ’ का लालच देकर अपने जाल में फंसा लेते हैं। मजहबी रस्मों का हवाला देकर इन श्रद्धालुओं से ‘नजराने’ के नाम पर मोटी रकम ऐंठी जा रही है।
ईद के बाद बढ़ा ‘ठगों’ का हौसला:-ईद के बाद दरगाह में जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसका फायदा ये गिरोह बखूबी उठा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये लोग खुद को बड़ा ‘पहुंचा हुआ’ दिखाकर लोगों की मजबूरी और आस्था का सौदा कर रहे हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल?हैरानी की बात यह है कि यह खेल लंबे समय से सरेआम चल रहा है, लेकिन अभी तक इन सफेदपोश जालसाजों पर कोई बड़ी स्ट्राइक नहीं हुई है। श्रद्धालुओं ने अब सीधे तौर पर प्रशासन और दरगाह प्रबंधन से मांग की है कि:
इन तथाकथित सूफियों की पहचान कर इन्हें परिसर से बाहर खदेड़ा जाए।जायरीनों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन और सूचना पट्ट लगाए जाएं।अवैध वसूली करने वालों पर पुलिसिया हंटर चले।हमारी अपील: जायरीन सतर्क रहें! दरगाह में इबादत के नाम पर किसी भी अनजान या अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें। आपकी मेहनत की कमाई इन ठगों के लिए नहीं, बल्कि आपकी आस्था के लिए है।