अतीक साबरी:-
पिरान कलियर: आस्था के केंद्र में ‘रील’ का विवाद, मर्यादा तार-तार होने पर जायरीनों में भारी रोष–
कलियर शरीफ। विश्व प्रसिद्ध दरगाह अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक, जो करोड़ों लोगों की आस्था और रूहानियत का केंद्र है, इन दिनों एक विवादित वीडियो के कारण चर्चा में है। दरगाह परिसर के भीतर बनाई गई एक ‘रोमांटिक रील’ ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि दूर-दराज से आने वाले जायरीनों की भावनाओं को भी गहरे तक आहत किया है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक युवक और युवती दरगाह परिसर के भीतर नजर आ रहे हैं। वीडियो के फिल्मांकन में दिखाया गया है कि दोनों एक-दूसरे को मोबाइल नंबर दे रहे हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक और ‘आशिकी’ वाले अंदाज में बनाई गई इस रील के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर लोग सिर झुकाकर दुआ मांगते हैं, वहां इस तरह का छिछोरापन असहनीय है।
”आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं”: स्थानीय नागरिकों का आक्रोश
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और दरगाह के खादिमों में जबरदस्त नाराजगी है। स्थानीय निवासी मोईन, दानिश, आरिफ उर्फ़ मोनू और राव समद ने एक सुर में इस कृत्य की निंदा की है।
”दरगाह साबिर पाक अदब और एहतराम (सम्मान) की जगह है। यहाँ लोग अपनी मुरादें लेकर आते हैं, न कि मोबाइल नंबर बांटने और रील बनाने। कुछ लोग चंद लाइक और फॉलोअर्स की भूख में यह भूल जाते हैं कि वे किसी की आस्था का मजाक उड़ा रहे हैं।”
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
जायरीनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:
पहचान और कार्रवाई: वीडियो में दिख रहे युवक-युवती की पहचान कर उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाए।
रील पर प्रतिबंध: दरगाह परिसर के संवेदनशील और पवित्र हिस्सों में वीडियो बनाने और रील शूट करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए।
निगरानी: दरगाह परिसर में पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सोशल मीडिया और गिरती मर्यादा
यह पहली बार नहीं है जब किसी धार्मिक स्थल पर रील बनाने का विवाद सामने आया हो। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर ‘इंस्टेंट फेम’ पाने की चाहत युवाओं को मर्यादा की सीमाएं लांघने पर मजबूर कर रही है। कलियर शरीफ जैसे पवित्र स्थान पर, जहाँ शांति और अनुशासन सर्वोपरि है, वहां इस तरह के कृत्य न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और सांस्कृतिक ढांचे को भी प्रभावित करते हैं।
भविष्य की चुनौती
फिलहाल, दरगाह क्षेत्र में इस मामले को लेकर तनाव और चर्चा का माहौल है। यदि प्रशासन ने इस पर समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में धार्मिक स्थलों की गरिमा को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

