अतीक साबरी:-
पिरान कलियर (रुड़की): विश्व प्रसिद्ध पिरान कलियर दरगाह क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दरगाह प्रशासन ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 120 दुकानदारों को एक साथ नोटिस थमा दिए। प्रशासन की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से उन दुकानदारों में खलबली मची है जिन्होंने दरगाह की दुकानों को अवैध रूप से आगे किराये (सबलेट) पर दे रखा था।
गुप्त जाँच एवं निरीक्षण में खुली पोल: अपनों को छोड़ गैरों के हाथ में मिली दुकानें दरगाह के अभिलेखों के अनुसार, बाजार की ये दुकानें जिन लोगों के नाम पर आवंटित थीं, वे खुद दुकान न चलाकर ‘शिकमी किरायेदार’ (सबलेटिंग) के जरिए मोटी कमाई कर रहे थे। हाल ही में हुए औचक निरीक्षण के दौरान जब मौके पर पड़ताल की गई, तो दुकानदार के रूप में आवंटित व्यक्ति के बजाय कोई और ही शख्स गद्दी पर बैठा मिला। यह दरगाह और वक्फ बोर्ड की आवंटन शर्तों का सीधा और खुला उल्लंघन है।
7 दिन की डेडलाइन: संतोषजनक जवाब नहीं तो दुकान से हाथ धोना तय:-तहसीलदार रुड़की एवं प्रबंधक दरगाह विकास अवस्थी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर अगर लिखित उत्तर और ठोस स्पष्टीकरण पेश नहीं किया गया, तो इन दुकानों का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आवंटन निरस्तीकरण की फाइल उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है, जिसके लिए दुकानदार स्वयं जिम्मेदार होंगे।
इन बड़े अधिकारियों तक पहुँची रिपोर्ट, अब बचना मुश्किल:-मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट और नोटिस की प्रतिलिपि जिलाधिकारी हरिद्वार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) उत्तराखंड वक्फ बोर्ड को भेज दी गई है।
रुड़की तहसीलदार/दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी ने बताया की उक्त दुकानों की गुप्त स्तरीय जाँच कर निराक्षण किया गया है जिसमे 120 से अधिक दुकाने ऐसी मिली जिसका किरायदार ही बदला हुआ है, जिन लोगो ने दरगाह से दुकानों को आवंटन करवाकर ब्लेक से दुकाने बेच दी है इनके एक हफते के अंदर जवाब माँगा गया है, इसके बाद इन दुकानों का आवंटन रद्ध कर दुकानों को दरगाह के कब्जे में लिया जाएगा, उच्च स्तर पर निगरानी होने के कारण अब इस मामले में किसी भी तरह की सिफारिश या ढील की गुंजाइश खत्म हो गई है।प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि दरगाह की संपत्तियों पर अवैध कब्जा या व्यापारिक हेराफेरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।