अतीक साबरी:-
कलियर। पिरान कलियर में सरकारी धन की बंदरबांट और प्रशासनिक लापरवाही का एक ऐसा नमूना सामने आया है, जिसे सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को नगर पंचायत कलियर के अधिकारी पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।करोड़ों की लागत, फिर भी जनता को ‘शौच’ के लिए जगह नहींहज हाउस रोड समेत नगर पंचायत के चार प्रमुख स्थानों पर करोड़ों रुपये के भारी-भरकम बजट से आधुनिक शौचालय स्थापित किए गए थे। मकसद था नगर को स्वच्छ बनाना और जायरीनों व स्थानीय लोगों को सुविधा देना। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ये शौचालय आज तक चालू ही नहीं हो सके। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी इनमें पानी का कनेक्शन तक नहीं लिया गया है। यह सीधे तौर पर जनता की गाढ़ी कमाई का अपमान और सरकारी धन का खुला दुरुपयोग है।
प्रधानमंत्री की योजना पर EO का ‘अज्ञानता’ वाला प्रहार-स्थानीय निवासियों ने कई बार अधिशासी अधिकारी (EO) कुलदीप चौहान को इन बंद पड़े शौचालयों की याद दिलाई और इन्हें शुरू करने की गुहार लगाई। लेकिन साहब का जवाब सुनकर आप दंग रह जाएंगे। हर बार की तरह उन्होंने इस मामले में भी अपनी ‘अज्ञानता’ का राग अलापते हुए कह दिया कि— “मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है, दिखवाया जा रहा है।” सवाल उठता है: * क्या करोड़ों के प्रोजेक्ट बिना EO की जानकारी के हवा में लग गए?क्या पिरान कलियर में प्रधानमंत्री स्वच्छता योजना की धज्जियां उड़ाने के लिए अधिकारी को खुली छूट मिली हुई है?
दफ्तर में ‘साहब’ का टाइमपास, सड़कों पर जनता का ‘नर्क’नगर पंचायत क्षेत्र की स्थिति आज किसी नर्क से कम नहीं है। जहाँ करोड़ों के शौचालय धूल फांक रहे हैं, वहीं सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है। नालियाँ चोक हैं और जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसा लगता है कि अधिशासी अधिकारी का काम सिर्फ ऑफिस में बैठकर समय काटना और वेतन लेना रह गया है। उन्हें क्षेत्र की बदहाली और जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।
ईओ के ‘ट्रैक’ से जनता त्रस्त, कब जागेगा प्रशासन?जब भी किसी विकास कार्य की बात आती है, तो EO साहब का अपना ही एक अलग ‘ट्रैक’ शुरू हो जाता है। जानकारी न होने का बहाना बनाना अब उनकी ढाल बन चुका है। क्या शासन-प्रशासन ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कसेगा या फिर कलियर की जनता इसी तरह गंदगी और बदहाली में जीने को मजबूर रहेगी?वहीं रुड़की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र सेठ ने बताया की मामले की जाँच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, साथ शौचालय को चालू कराया जाएगा!