अतीक साबरी:-
पिरान कलियर (रुड़की):सिंचाई विभाग की लापरवाही अब आम जनता की जान पर भारी पड़ने लगी है। पिरान कलियर स्थित स्टील गार्डर पुल के पास, दरगाह गैब अली शाह रोड पर अधूरी छोड़ी गई ‘सेफ्टी वॉल’ (सुरक्षा दीवार) विभाग के निकम्मेपन की कहानी बयां कर रही है। पिछले एक महीने से यह कार्य अधर में लटका है, लेकिन कुंभकर्णी नींद सो रहे अधिकारियों को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है।

मोहम्मदपुर झाल जैसी त्रासदी से भी नहीं लिया सबक
हैरानी की बात यह है कि अभी पिछले हफ्ते ही रुड़की के मोहम्मदपुर झाल पर गंगनहर में कार गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के माथे पर शिकन तक नहीं है। पिरान कलियर जैसी जगह, जहां रोजाना हजारों जायरीन इबादत के लिए आते हैं, वहां सुरक्षा मानकों के साथ ऐसा खिलवाड़ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अधूरा निर्माण, गहरा गड्ढा: मौत का ‘डेथ ट्रैप’दरगाह गैब अली शाह रोड पर सुरक्षा दीवार का निर्माण तो शुरू किया गया, लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया गया। हालत यह है कि:दीवार के पास ही एक गहरा और खतरनाक गड्ढा बना हुआ है।न तो दीवार पर प्लास्टर किया गया है और न ही गड्ढे में मिट्टी का भराव हुआ है।रात के अंधेरे में अनजान राहगीरों या जायरीनों के लिए यह जगह कभी भी ‘कब्र’ बन सकती है।

अधिकारियों का गैर-जिम्मेदाराना तर्क
जब इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई विष्णु धीमान से बात की गई, तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला और गैर-जिम्मेदाराना था। उन्होंने कहा कि “हमें मिट्टी भरने की परमिशन नहीं मिली है, जल्द ही कार्य पूरा कर देंगे।”सवाल यह उठता है कि:क्या विभाग को कार्य शुरू करने से पहले अनुमति की जानकारी नहीं थी?क्या अनुमति मिलने तक जनता की जान को दांव पर लगाना सही है?अगर इस बीच कोई बड़ा हादसा होता है, तो क्या विभाग इसकी जिम्मेदारी लेगा?

बड़ी चेतावनी: पिरान कलियर क्षेत्र में जायरीनों की भारी भीड़ और सड़क की संकीर्णता के बावजूद इस तरह की लापरवाही किसी बड़े कत्लेआम को निमंत्रण देने जैसी है। यदि जल्द ही इस गड्ढे को भरकर दीवार का कार्य पूरा नहीं किया गया, तो स्थानीय निवासियों और जायरीनों के साथ मिलकर विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलना तय है।

