अतीक साबरी:-खानपुर/हरिद्वार: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार, नवनीत सिंह द्वारा जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खानपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक अंतर्राज्यीय हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
चेकिंग के दौरान हुई गिरफ्तारी:-दिनांक 27/28 मार्च 2026 की रात को एसएसपी के निर्देशानुसार खानपुर पुलिस उत्तर प्रदेश के बिजनौर बॉर्डर से सटे इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान गोवर्धनपुर क्षेत्र में पुलिस को एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस को सामने देखकर मोटरसाइकिल चालक ने भागने की कोशिश की और गाड़ी की रफ्तार तेज कर दी।
पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बैरियर लगाकर घेराबंदी की और आवश्यक बल प्रयोग कर मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर बैठे व्यक्ति को दबोच लिया। हालांकि, अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल चालक फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
बरामदगी और आरोपी का विवरणपकड़े गए आरोपी की पहचान शमशेर पुत्र महमूद, निवासी ग्राम करणपुर, थाना खानपुर (हरिद्वार) के रूप में हुई है। आरोपी की उम्र 40 वर्ष है। तलाशी लेने पर उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ:03 अवैध देशी तमंचे (.315 बोर)01 अवैध देशी तमंचा (12 बोर)40 जिंदा कारतूस (12 बोर)
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे:-पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी शमशेर ने बताया कि वह ये हथियार उत्तर प्रदेश के पुरकाजी (जनपद मुजफ्फरनगर) से अपने एक परिचित से लेकर आया था। इन हथियारों की सप्लाई हरिद्वार के थाना पथरी क्षेत्र में की जानी थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग पहले भी पथरी क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी और बिक्री कर चुके हैं।पुलिस की कार्रवाईखानपुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
साथ ही पकड़े गए आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है।पुलिस टीम में शामिल रहे अधिकारी:इस सफलता में उपनिरीक्षक नवीन नेगी (चौकी प्रभारी गोवर्धनपुर), अपर उपनिरीक्षक बिजेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल भीम सिंह और सीआईयू हरिद्वार के कांस्टेबल वसीम की मुख्य भूमिका रही।