पिरान कलियर में आस्था पर भारी पड़ती गुंडागर्दी: दरगाह परिसर में मनचलों का तांडव, सुरक्षा तंत्र पूरी तरह फेल

अतीक साबरी:-

पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक की पवित्रता और मर्यादा इन दिनों खतरे में है। जिस मुकद्दस जमीन पर लोग रूहानी सुकून और दुआओं की आस में सात समंदर पार से खिंचे चले आते हैं, आज वही दरगाह परिसर मनचलों और शरारती तत्वों की ऐशगाह बन चुका है। दरगाह के भीतर से लगातार आ रही मारपीट, गाली-गलौज और बदतमीजी की खबरों ने न केवल जायरीनों को खौफजदा कर दिया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और दरगाह प्रबंधन की कार्यप्रणाली को भी पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए जायरीनों का आरोप है कि सूरज ढलते ही दरगाह परिसर का माहौल पूरी तरह बदल जाता है।

सैकड़ों की संख्या में आवारा और संदिग्ध युवक दरगाह के अंदर डेरा डाल देते हैं, जिनका मकसद इबादत नहीं बल्कि जायरीनों को परेशान करना और हुड़दंग मचाना होता है।

महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और छींटाकशी की घटनाएं अब यहां की कड़वी सच्चाई बन चुकी हैं। बीती शाम भी दरगाह परिसर उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया जब दो युवकों के गुटों में किसी बात को लेकर जमकर लात-घूंसे चले। शर्मनाक बात यह है कि घंटों चले इस ड्रामे और मारपीट के दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसने दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलकर रख दी है।

यह कोई पहली बार नहीं है जब दरगाह की मर्यादा तार-तार हुई हो, इससे पहले भी दर्जनों वीडियो वायरल हो चुके हैं, लेकिन अफसोस कि दरगाह प्रबंधन और वक्फ बोर्ड ने अब तक कोई ठोस सबक नहीं लिया। सुरक्षा के नाम पर तैनात अमला केवल खानापूर्ति तक सीमित है, जिसका सीधा फायदा ये शरारती तत्व उठा रहे हैं।

जायरीनों का कहना है कि वे अब यहाँ खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस करते हैं और अगर यही हाल रहा तो भविष्य में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट आ सकती है। स्थानीय जनता ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन मनचलों के खिलाफ ‘क्लीन स्वीप’ अभियान नहीं चलाया गया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और दरगाह के जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं या फिर इन हुड़दंगियों पर लगाम कसकर दरगाह की गरिमा को बहाल किया जाएगा?

वक्त आ गया है कि कागजी सुरक्षा को छोड़कर जमीन पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि साबिर पाक की दहलीज पर आने वाला हर जायरीन सुरक्षित महसूस कर सके।

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