हरिद्वार में बन रहे थे देशी तमंचे, राइफल, कौन बना रहा था, कैसे आया पकड़ में

​अतीक साबरी:-

हरिद्वार: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के ‘अपराध मुक्त हरिद्वार’ अभियान को आज उस समय बड़ी सफलता मिली, जब कोतवाली गंगनहर पुलिस ने एक हाई-टेक अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। खानदानी हुनर का इस्तेमाल अपराध की दुनिया में करने वाले एक शातिर मिस्त्री को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

​छापेमारी और गिरफ्तारी: वर्कशॉप की आड़ में मौत का सामान​पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और क्षेत्राधिकारी रुड़की के कुशल निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक मनी भूषण श्रीवास्तव ने एक विशेष टीम तैयार की। मुखबिर की सटीक सूचना पर टीम ने सुनहरा सलेमपुर रोड स्थित JPS टोटल सोल्यूशन वर्कशॉप पर अचानक धावा बोला।​पुलिस की इस सर्जिकल स्ट्राइक में आरोपी जावेद को दबोच लिया गया, जो मशीनों की आड़ में घातक हथियार तैयार कर रहा था।

​हुनर बना अभिशाप: खराद मशीन से गढ़ रहा था तमंचे​ पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी जावेद का पुश्तैनी काम खराद (मशीन वर्क) का है। लालच के चलते उसने अपने तकनीकी ज्ञान का दुरुपयोग किया और वर्कशॉप में गुप्त रूप से डाई (फॉर्मा) तैयार कर ली। इसी फॉर्मे की मदद से वह पेशेवर तरीके से तमंचे, पिस्टल और राइफल बना रहा था।​

बरामदगी का विवरण (हथियारों का जखीरा)​पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में बने और अधबने हथियार बरामद किए हैं:​तैयार असलहे: 06 अवैध तमंचे।​अधबने हथियार: 01 अधबनी पिस्टल, 01 अधबनी .22 बोर राइफल।​मैगजीन व कारतूस: .22 बोर की मैगजीन, 07 जिंदा कारतूस (अलग-अलग बोर) और 41 खोखा कारतूस।​

उपकरण: हथियारों की नाल के लिए प्रयुक्त होने वाले पीतल और लोहे के पाइप (12, 22 और 30 बोर) तथा हथियार बनाने के सांचे।​

पुलिस टीम (मिशन के नायक)​इस साहसिक कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम के मुख्य सदस्य:​मनी भूषण श्रीवास्तव (प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली गंगनहर)​व.उ.नि. दीप कुमार व उ.नि. मुनव्वर हसन​उ.नि. नवीन कुमार, उ.नि. पंकज कुमार​अपर उप निरीक्षक मनीष कवि एवं अन्य जांबाज आरक्षी।​

अग्रिम कार्रवाई: पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास और इन हथियारों की सप्लाई चेन (खरीदने वालों) का पता लगा रही है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।

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