हरिद्वार। धर्मनगरी की मर्यादा के साथ खिलवाड़ और सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास दो युवकों को भारी पड़ गया। हरकी पैड़ी पर अरबी पहनावे (शेख की वेशभूषा) में वीडियो बना रहे दो युवकों को कोतवाली नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला? सोमवार (13 जनवरी) को दो युवक अरबी वेशभूषा धारण कर हरकी पैड़ी क्षेत्र में घूम रहे थे और वीडियो शूट कर रहे थे। स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने जब उन्हें इस पहनावे में देखा तो विरोध किया। टोकने पर युवकों ने बहस करते हुए कहा कि वे भारत में कहीं भी घूम सकते हैं। विरोध बढ़ता देख दोनों युवक वहां से वेशभूषा बदलकर फरार हो गए।
हरकी पैडी क्षेत्र

सीसीटीवी से हुई पहचान मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच शुरू की, जिससे पता चला कि दोनों आरोपी रावली महदूद (सिडकुल) क्षेत्र में रह रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर नवीन कुमार (22 वर्ष) पुत्र मुन्ना और प्रिंस (22 वर्ष) पुत्र सोमपाल को हिरासत में ले लिया।
यूट्यूब रील के लिए रचा स्वांग पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि उनका एक यूट्यूब चैनल है। लाइक्स और कमेंट्स बढ़ाने के लिए उन्होंने यह वीडियो बनाने की योजना बनाई थी। इससे पहले भी वे मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वीडियो बना चुके थे। पकड़े जाने पर दोनों ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
पुलिस की कड़ी चेतावनी कोतवाली प्रभारी ने बताया कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस उन लोगों को भी चिन्हित कर रही है जो सोशल मीडिया पर भ्रामक या ‘आधी-अधूरी’ वीडियो प्रसारित कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

