हरिद्वार, सुसाइड’ का ड्रामा फेल, मां-बेटी ने तकिए से घोंटा था बबलू का दम!

​श्यामपुर ( हरिद्वार): कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ का नमूना पेश करते हुए एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया है। जिसे पत्नी खुदकुशी बताकर पुलिस को गुमराह कर रही थी, वह असल में रिश्तों का कत्ल निकला। कप्तान नवनीत सिंह के कुशल नेतृत्व में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ‘बबलू हत्याकांड’ की परतें उधेड़ते हुए आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग बेटी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है।​

साजिश: नींद की दवा, दुपट्टा और तकिया:-पुलिस जांच में सामने आया कि बबलू को उसकी पत्नी पूजा और बेटी के अवैध संबंधों की जानकारी हो गई थी, जिसे लेकर घर में अक्सर क्लेश रहता था। रास्ते से हटाने के लिए मां-बेटी ने खौफनाक प्लान बनाया। वारदात की रात पहले बबलू को शराब में नींद की गोलियां दी गईं। जब वह बेसुध हो गया, तो दुपट्टे से उसके हाथ-पैर चारपाई से बांध दिए गए और तकिए से मुंह दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।​

ऐसे खुला राज: बेटे की गवाही ने बिगाड़ा खेल:-हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने बबलू के मुंह में सल्फास का घोल डाल दिया और अगली सुबह पुलिस को जहर खाने की झूठी कहानी सुनाई। लेकिन घटनास्थल पर पहुंचे इंस्पेक्टर मनोहर सिंह भंडारी और फील्ड यूनिट को मामला संदिग्ध लगा। इसी बीच मृतक के बेटे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां और बहन ने ही पापा को रात में मारा है। मासूम की गवाही और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आगे आरोपी पत्नी टूट गई और जुर्म कबूल कर लिया।​

बरामदगी और कार्रवाई:-पुलिस ने घटना में इस्तेमाल 4 दुपट्टे, तकिया, सल्फास का पैकेट, नींद की दवा मिश्रित शराब का खाली पाउच और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। पुलिस अब इस मामले में पत्नी के कथित प्रेमी और एक अन्य युवक की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।​

पुलिस टीम की सफलता:इस सनसनीखेज खुलासे में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी, रविन्द्र गौड, सुदेश खरोला, मनमोहन सैनी, रेशमा सुल्ताना, माधुरी, मोहन सिंह और सीआईयू हरिद्वार के वसीम की अहम भूमिका रही।