अतीक साबरी:-
हरिद्वार/सिडकुल:कहते हैं शिक्षा इंसान को सही रास्ता दिखाती है, लेकिन सिडकुल में पुलिस के हत्थे चढ़े इन तीन ‘पढ़े-लिखे’ लुटेरों ने अपनी डिग्री का इस्तेमाल गुनाह की दुनिया में पैर जमाने के लिए किया। सिडकुल थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उस शातिर गैंग को बेनकाब किया है, जिसने पिछले कई दिनों से इलाके में मोबाइल स्नैचिंग की वारदातों से जनता की नींद उड़ा रखी थी।

कंपनी में नौकरी… सड़कों पर लूट!पकड़े गए तीनों आरोपी— दीपक, अभिनव और दीपू — कोई मामूली अपराधी नहीं बल्कि सिडकुल की ही एक नामी कंपनी में नौकरी करते थे। दिन में कंपनी में काम करने वाले ये शातिर शाम ढलते ही सड़कों पर झपट्टामार बन जाते थे। इनमें से कोई ग्रेजुएट है तो कोई मेट्रिक पास, लेकिन शॉर्टकट से पैसा कमाने की हसरत ने इन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
बरामदगी का ब्यौरा: 6 मोबाइल और गुनाह का कच्चा चिट्ठाएसएसपी हरिद्वार के कड़े निर्देश के बाद थानाध्यक्ष नितेश शर्मा की टीम ने घेराबंदी कर इन तीनों को दबोचा। तलाशी के दौरान इनके पास से चोरी और लूट के 06 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ धारा 304(2) BNS के तहत दर्ज मुकदमों में अब कड़ी धाराएं (317(2), 3(5) BNS व 35/106 BNSS) बढ़ा दी हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों की कुंडली:दीपक (24 वर्ष): मूल निवासी बिजनौर, वर्तमान पता राजा बिस्कुट चौक, सिडकुल।अभिनव (21 वर्ष): मूल निवासी धामपुर (बिजनौर), वर्तमान पता महादेवपुरम, सिडकुल।दीपू कुमार (25 वर्ष): मूल निवासी अफजलगढ़ (बिजनौर), वर्तमान पता महादेवपुरम, सिडकुल।
इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने किया खुलासाइस गैंग को सलाखों तक पहुंचाने में सिडकुल थाना अध्यक्ष नितेश शर्मा के नेतृत्व में अ0उ0नि0 अनिल कुमार, संजय चौहान और उनकी टीम (संजय सिंह, देशराज, कुलदीप, प्रमोद गोस्वामी, प्रदीप व गजेंद्र) ने अहम भूमिका निभाई।

