(सिडकुल): औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में आत्महत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में एक 22 वर्षीय युवक ने आर्थिक तंगी से तंग आकर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के मानसिक और आर्थिक हालातों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।क्या है पूरा मामला!
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बिहार का रहने वाला 22 वर्षीय बनारसी, सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत था और यहीं निवास कर रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से वह भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। तंगहाली और भविष्य की चिंताओं के कारण वह मानसिक तनाव में था। इसी परेशानी के चलते उसने खौफनाक कदम उठाते हुए फांसी लगा ली।
सिडकुल बना ‘सुसाइड हब’!यह कोई पहली घटना नहीं है; सिडकुल क्षेत्र में पिछले कुछ समय में सुसाइड के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई है। विशेषकर बाहरी राज्यों से आए युवक, जो यहाँ सुनहरे भविष्य की तलाश में आते हैं, अक्सर कम वेतन, काम का दबाव और अकेलेपन के कारण इस तरह के आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बढ़ते रुझान पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
पुलिस की कार्रवाई:-घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का ही लग रहा है, लेकिन मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।