Haridwar Murder Case शराब फिर बनी हत्या का कारण, बीस हजार देख डोला विनायक त्यागी का ईमान, कैसे की हत्या

अतीक साबरी:-

मंगलौर/रुड़की: दोस्ती के नाम पर दगाबाजी और चंद हजार रुपयों के लालच में एक इंसान किस कदर हैवान बन सकता है, इसकी बानगी मंगलौर पुलिस ने पेश की है। पुलिस ने नहर पटरी पर हुए चर्चित प्रदीप हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मुजफ्फरनगर के एक हत्यारोपी को दबोच लिया है। एसएसपी नवनीत सिंह ने इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए बताया कि कैसे एक अनजान मुलाकात चंद घंटों में मौत के तांडव में बदल गई।​

Haridwar Murder Case

लाश मिलते ही मच गया था हड़कंप​:-बीते 17 फरवरी को पुराने पीर के पास नहर पटरी मार्ग पर एक क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक के सिर को भारी पत्थर से कुचलकर पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद मृतक की शिनाख्त प्रदीप (निवासी घोसीपुरा, मंगलौर) के रूप में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने तुरंत कोतवाली मंगलौर और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम को मैदान में उतारा।​

एक CCTV फुटेज और पुलिस का सटीक जाल​:-जांच के दौरान पुलिस की पैनी नजर सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध आवाजाही पर टिकी। फुटेज में मृतक प्रदीप के साथ एक अज्ञात युवक बाइक पर जाता हुआ दिखाई दिया। मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने देवबंद तिराहे के पास से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में जो सच उगला उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।​

सफर से शुरू हुई दोस्ती, कत्ल पर हुई खत्म​:-पकड़े गए हत्यारोपी विनायक त्यागी (निवासी बरला, मुजफ्फरनगर) ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि वह ज्वालापुर में किराए पर रहता है। 17 फरवरी को घर जाने के दौरान उसे शराब की तलब लगी। बस अड्डे के पास शराब की दुकान बंद मिली, वहीं उसकी मुलाकात प्रदीप से हुई। दोनों शराब की तलाश में रामपुर चुंगी पहुंचे और वहां से बोतल खरीदकर नहर पटरी के पास एक बाग में जाम छलकाने बैठ गए।​

दौलत देख डोल गई नियत:-​शराब पीते वक्त बातचीत के दौरान विनायक को पता चला कि प्रदीप की जेब में भारी नकदी है। पैसों की तंगी से जूझ रहे विनायक के मन में लालच आ गया। उसने नशे में धुत प्रदीप का गला दबाकर उसे जमीन पर पटक दिया और पास ही पड़े एक भारी पत्थर से प्रदीप के सिर पर तब तक प्रहार किए जब तक उसकी जान नहीं निकल गई। हत्या के बाद आरोपी प्रदीप की जेब से 20 हजार रुपये लूटकर फरार हो गया।​

बरामदगी और पुलिस की कामयाबी:-​पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर, खून से सनी जैकेट और लूटी गई 20 हजार रुपये की पूरी रकम बरामद कर ली है। एसएसपी ने इस ब्लाइंड मर्डर को महज कुछ दिनों में सुलझाने वाली पुलिस टीम और सीआईयू की पीठ थपथपाई है। आरोपी विनायक त्यागी अब सलाखों के पीछे है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर नशे और अचानक हुई दोस्ती के खतरनाक अंजाम को उजागर कर दिया है।

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