गैंगस्टर विनय त्यागी
हरिद्वार पुलिस अभिरक्षा में हुए जानलेवा हमले में घायल गैंगस्टर विनय त्यागी की शनिवार सुबह एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान मौत हो गई। पिछले दो दिनों से वह वेंटिलेटर पर था और उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार, त्यागी को तीन गोलियां लगी थीं, जिनमें से एक गोली उसकी दाहिनी छाती को चीरते हुए आंतों को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर गई थी। शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे उसने अंतिम सांस ली।
दुस्साहसिक हमला: कोर्ट ले जाते समय चली थीं गोलियां
घटना बुधवार दोपहर की है, जब पुलिस टीम विनय त्यागी को पेशी के लिए लक्सर कोर्ट ले जा रही थी। हरिद्वार-लक्सर हाईवे पर जाम का फायदा उठाते हुए दो बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। वारदात के बाद हमलावर फरार होने में सफल रहे थे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन दोनों आरोपियों—सनी यादव और अजय कुमार—को खानपुर के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस का दावा: 20 लाख का लेनदेन बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सनी यादव पहले विनय त्यागी के लिए ही काम करता था। सनी एक हत्या के मामले में सजायाफ्ता मुजरिम है और हाल ही में पैरोल (बेल) पर बाहर आया था। पुलिस का दावा है कि सनी और विनय के बीच 20 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते सनी ने अजय के साथ मिलकर विनय की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
परिजनों का गंभीर आरोप: 750 करोड़ की संपत्ति और बड़ी साजिश
दूसरी ओर, विनय त्यागी की बहन और अन्य परिजनों ने पुलिस की इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि यह महज पैसों का लेनदेन नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है।
- यूपी के ठेकेदार का नाम: परिजनों के अनुसार, विनय ने अपने बयान में यूपी के एक रसूखदार ठेकेदार का नाम लिया था।
- 750 करोड़ की ‘बेनामी’ संपत्ति: दावा है कि देहरादून के एक डॉक्टर के घर पर इस ठेकदार की करीब 750 करोड़ रुपये की संपत्ति (नकदी और जेवरात) छिपाई गई थी।
- रंजिश की वजह: परिजनों का कहना है कि विनय इस बेनामी संपत्ति की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) को देना चाहता था। आरोप है कि जानकारी मिलते ही ठेकेदार ने पहले विनय को चोरी के फर्जी मामले में जेल भिजवाया और बाद में उसकी हत्या की साजिश रची।
इलाज में लापरवाही के आरोप
विनय की बहन ने यह भी आरोप लगाया कि उसे समय पर और सही इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने आशंका जताई कि साजिश के तहत उसे बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रखा गया ताकि उसकी जान न बच सके। फिलहाल, एम्स प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कर रिपोर्ट पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

