Gangster Vikram Sharma Murder Case, जिम से रेकी, रंगदारी विवाद और वर्चस्व की लड़ाई में हत्या, कैसे रची गई साजिश

Gangster Vikram Sharma Murder Case

देहरादून। डालनवाला में हत्याकांड हत्याकांड में एसटीएफ उत्तराखण्ड और देहरादून पुलिस की संयुक्त जांच में पूछताछ के दौरान सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर ने पुलिस को बताया कि वह नोएडा स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है और वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 अपार्टमेंट में अपने दो साथियों के साथ रह रहा था।

पुराने अपराधी संपर्क से शुरू हुई साजिश
मोहित ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उसके मामा विकास महतो ने उसकी मुलाकात आशुतोष सिंह से कराई थी। आशुतोष के माध्यम से वह करीब चार साल पहले विशाल सिंह और अंकित वर्मा के संपर्क में आया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि लगभग दो वर्ष पहले टाटानगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में हुए जानलेवा हमले के मामले में आशुतोष जेल गया था, जबकि बाद में अमन सिंह के कहने पर विशाल सिंह द्वारा अमरनाथ नामक व्यक्ति की हत्या की गई थी, जिसमें विशाल जेल चला गया।

जेल से शुरू हुआ विवाद, बाहर रची गई हत्या की योजना
जेल में रहते हुए विशाल का विक्रम शर्मा के एक करीबी से विवाद हो गया था। इसके बाद विक्रम शर्मा द्वारा अपने गुर्गों के माध्यम से विशाल को जेल में लगातार परेशान किया गया। जेल से बाहर आने पर विशाल ने यह बात आशुतोष को बताई। पुलिस के अनुसार, आशुतोष पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका था और अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहता था। विक्रम शर्मा का आपराधिक जगत में प्रभाव काफी अधिक था, इसी कारण उसकी हत्या कर वर्चस्व स्थापित करने की योजना बनाई गई।

रंगदारी और ठेके का विवाद भी बना वजह
पूछताछ में सामने आया कि आशुतोष की पहचान सारिका इंटरप्राइजेज के मालिक यशराज से थी। यशराज रेलवे में फूड सप्लाई का ठेका चलाता था, जिस पर विक्रम शर्मा की भी नजर थी। पुलिस के अनुसार, विक्रम शर्मा द्वारा यशराज से पहले भी रंगदारी मांगी जा चुकी थी। इसी कारण यशराज ने हत्या की योजना में सहयोग करने पर सहमति जताई।

जमशेदपुर और नोएडा में नाकाम, देहरादून में रची गई साजिश
अभियुक्त पहले विक्रम शर्मा को जमशेदपुर में मारना चाहते थे, लेकिन वहां उसके साथ हमेशा कई लोग रहने के कारण योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उन्हें विक्रम के नोएडा आने-जाने की जानकारी मिली और वहां अंकित वर्मा के नाम से फ्लैट किराये पर लिया गया। नोएडा में भी मौका न मिलने पर देहरादून में हत्या की योजना बनाई गई। रेकी के लिए अंकित वर्मा ने उसी जिम को जॉइन किया, जहां विक्रम शर्मा रोज जाता था।

जिम से मिली सूचना, बाहर निकलते ही मारी गोली
घटना के दिन अंकित वर्मा ने फोन कर आशुतोष को विक्रम शर्मा के जिम में होने की जानकारी दी। जिम से बाहर निकलते ही आशुतोष और विशाल सिंह ने विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी।

फरारी की पूरी प्लानिंग
हत्या के बाद आशुतोष और विशाल अपने साथी आकाश के साथ पहले हरिद्वार से किराये पर ली गई बाइक और स्कूटी से वहां पहुंचे, वाहन लौटाने के बाद पहले से खड़ी यशराज की स्कॉर्पियो से उसी दिन नोएडा स्थित मोहित के फ्लैट पर पहुंचे। मोहित घटना के दिन देहरादून में था, इसलिए उससे फोन पर संपर्क कर वाहन पार्किंग में खड़ा करवाया गया। अगले दिन मोहित के लौटने पर उसे हत्या की जानकारी दी गई और स्कॉर्पियो उसके पास छोड़ दी गई। इस दौरान अभियुक्तों के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था मोहित उर्फ अक्षत ने की।

गिरफ्तार और वांछित अभियुक्त
पुलिस ने इस मामले में
गिरफ्तार अभियुक्त:

  1. अक्षत ठाकुर उर्फ संजीव कुमार, निवासी जुगसलाई, जमशेदपुर
  2. राजकुमार, निवासी गाराबासा बागबेड़ा, जमशेदपुर

वांछित अभियुक्त:
अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद, यशराज और जितेन्द्र कुमार साहु।

पुलिस के अनुसार, सभी वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया जाएगा।

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