पंजाबी विधायकों की अनदेखी पर पंजाबी महासभा हुई खफा


Vikas kumar.

 उत्तराखंड पंजाबी  महासभा ने उत्तराखंड में पंजाबी समाज के 5 विधायकों में से किसी को भी मंत्री ने बनाए जाने पर नाराजगी जताई है। महासभा के प्रदेश महामंत्री सुनील अरोड़ा ने कहा कि कई बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रधानमंत्री और दूसरे पदाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन अभी तक उत्तराखण्ड में पंजाबी समाज से आने वाले किसी भी विधायक को मंत्री नही बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाबी समाज में गुस्सा और पूरा समाज ठगा सा महसूस कर रहा है। सुनील अरोड़ा ने कहा कि भाजपा को पंजाबी समाज की भावनाओ का ख्याल रखना चाहिये। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाबी समाज को सिर्फ वोट बैंक के तौर पर प्रयोग कर रही है।  सरकार अगर ऐसे ही पंजाबी विधायकों की अनदेखी करेगी तो 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाबी महासभा को बहुत सोच समझकर के वोट करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार से पंजाबी महासभा मांग करती है कि अभी भी समय है वह नींद से जाग जाए। एक  कुमाऊं और एक गढ़वाल से मंत्रिमंडल में शामिल कर पंजाबी विधायकों और पंजाबी समाज का मान सम्मान बढ़ाएं। 

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