मिशन हौंसला: भाई ने किया किनारा तो पुलिस ने बीमार मां और दिव्यांग बेटे को पहुँचाया अस्पताल

देहरादून।
ऋषिकेश में अकेले रहने वाले बुजुर्ग मां और दिव्यांग भाई की तबीयत खराब हुई तो सेज बेटे ने मदद को आने से इनकार कर दिया। वही दिल्ली में रहने वाली बेटी ने भी जब हाथ खड़े कर दिए तो ऋषिकेश पुलिस सूचना पर पहुँची और बीमार माँ और दिव्यांग बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां जांच में माँ कोरोना पॉजिटिव निकली।  ऋषिकेश पुलिस के हेल्प लाइन नंबर पर बीती रातदिल्ली से कॉलर सन्नी गाँधी द्वारा सूचना दी गई कि गली नंबर- 1, हरिधाम कॉलोनी ऋषिकेश में मेरे रिश्तेदार संतोष पत्नी पी.के.जैन उम्र 80 वर्ष एवं मनीष जैन पुत्र पी.के.जैन  निवासी उपरोक्त उम्र 56 वर्ष अकेले निवास करते हैं, जो कि पैरों से विकलांग है। जिन्हें अभी सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही है तथा जिनके घर में कोई भी उनकी देखरेख के लिए मौजूद नही है। जिन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराने की आवश्यकता है।   

 उक्त सूचना उच्च अधिकारी गणों को देते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश महोदय द्वारा हेल्पलाइन में नियुक्त पुलिस टीम के माध्यम से तत्काल सहायता प्रदान करने हेतु चौकी प्रभारी आईडीपीएल एवं रात्रि चीता में नियुक्त कर्मचारी गणों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।जिसपर चौकी प्रभारी आईडीपीएल मय चीता मोबाइल के उपरोक्त पते पर पहुंचे। 

 *जहाँ चीता पर नियुक्त कर्मचारी गणों के द्वारा तत्काल् एम्बुलेन्स बुलाकर स्वयं पी.पी.ई.किट पहनकर श्रीमती संतोष एवं दिव्यांग श्री मनीष जैन को अपनी गोद में उठाकर एम्बुलेंस में बैठाया गया, एंव दोनो पीडित को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। जिनको तत्काल ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाई गई।*  राजकीय चिकित्सालय में डॉक्टर द्वारा चिकित्सा जांच करने के उपरांत बीमार महिला श्रीमती संतोष को कॉविड पॉजिटिव पाया गया, एवं उनके लड़के की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।   वर्तमान समय में दोनों के स्वास्थ्य में सुधार है। दिल्ली से इनके परिवारजनों द्वारा ऋषिकेश पुलिस द्वारा तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध अपने रिश्तेदार की जान बचाने पर बचाने पर ऋषिकेश पुलिस का धन्यवाद अदा किया गया है।

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One thought on “मिशन हौंसला: भाई ने किया किनारा तो पुलिस ने बीमार मां और दिव्यांग बेटे को पहुँचाया अस्पताल

  1. यही मानव सेवा ही दर्शाता है कि हमारे देश में मानवता खत्म नहीं हुई है ! पांचों उंगलियां एक जैसी नहीं होती है ! जय श्रीराम जयहिन्द
    सभी प्रकार से सहायता करने के लिए देवभूमि ऋषिकेश के समस्त सुरक्षा ( मित्र पुलिस) मित्रों को हृदय से कोटि-कोटि नमन और धन्यवाद

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