BSL leader shahzad will fight from laksar in haridwar

शहजाद के सामने एक साथ आए हाजी तसलीम और ताहिर हसन, वजूद की लड़ाई के लिए क्या करेंगे

फरमान खान/विकास कुमार।
कलियर में दो बार हार का स्वाद चखने के बाद बसपा के मौहम्मद शहजाद लक्सर से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में लक्सर के दो ​दिग्गज नेताओं के सामने जो खुद मौहम्मद शहजाद के समाज से ताल्लुक रखते हैं अपना राजनीतिक वजूद बचाने की चुनौती बन गई है। खासतौर पर ऐसी स्थिति में जबकि कांग्रेस लक्सर से किसी सैनी प्रत्याशी को टिकट करती है। जिनमें कुशलपाल सैनी, संजय सैनी और सा​हब सिंह सैनी का नाम चर्चा में है। हालांकि, हाजी तसलीम और ताहिर हसन भी कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं लेकिन शहजाद के आने के बाद अब यहां से कांग्रेस मुस्लिम को टिकट दे ये कम ही लगता है। ऐसे में दोनों नेता क्या रणनीति अपनाते हैं और क्या शहजाद को वॉक ओवर देंगे या फिर कांग्रेस के उम्मीदवार का साथ देंगे या निर्दलीय या आजाद सामाज पार्टी का दामन थामेंगे।
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एक साथ आए हाजी तसलीम और ताहिर हसन, गुर्जर नेता​ बिजेंद्र सिंह का मिला साथ
लक्सर में शहजाद को घेरने के लिए हाजी तसलीम और ताहिर हसन दोनों ने अपनी पुरानी अदावत को भुलाते हुए साथ आने का फैसला किया है। इसके पीछे लक्सर के स्थानीय लोगों के राजनीतिक मुस्तकबिल को बचाना प्रमुख कारण है। इसी के साथ हाल ही में लक्सर बाहरी प्रत्याशी मोहम्मद शहजाद का बसपा से टिकट होने के बाद दिग्गज बसपा नेता और जिला पंचायत सदस्य ​बिजेंद्र सिंह ने बसपा छोड कांग्रेस ज्वाइन कर ली है और बताया जा रहा है कि बिजेंद्र सिंह ने भी हाजी तसलीम के नाम का समर्थन कर दिया है।

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टिकट मिलेगा या फिर निर्दलीय आएंगे मैदान में
अब दोनों मुस्लिम नेता और गुर्जर नेता​ बिजेंद्र​ सिंह की पहली रणनीति ये है कि हाजी तसलीम या किस अन्य स्थानीय नेता को टिकट दिया जाए ताकि स्थानीय और बाहरी के मुद्दे पर चुनाव जीता जा सके। वहीं अगर कांग्रेस टिकट नहीं देती है तो फिर शहजाद को वाक ओवर नहीं दिया जाएगा और बहुत संभावना है कि लक्सर से हाजी तसलीम निर्दलीय या फिर किसी अन्य पार्टी से चुनाव मैदान में आएंगे। वरिष्ठ पत्रकार राजीव नामदेव ने बताया कि लक्सर में एक बार फिर 2017 वाली स्थिति है। यहां बसपा ने मौहम्मद शहजाद के तौर पर बाहरी प्रत्याशी दिया है​। पहले यहां स्थानीय गुर्जर नेताओं के सामने अपना वजूद बचाने की चुनौती थी। अब मुस्लिम नेता इससे जूझ रहे हैं। ये भी लग रहा है कि हाजी तसलीम निर्दलीय या आजाद समाज पार्टी से चुनाव लडें और अगर गुर्जर व दलित वोटों का समर्थन मिलता है तो हाजी तसलीम जीत का समीकरण भी बना सकते हैं।

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क्या कहते हैं हाजी तसलीम
हाजी तसलीम ने बताया हम कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं और हमें उम्मीद हैं कि टिकट मिल जाएगा। लेकिन, अगर टिकट नहीं मिलता है तो फिर कार्यकर्ताओं के साथ मशविरा कर निर्णय लिया जाएगा। जिसमें सभी विकल्प खुले हैं। हालांकि इस सवाल पर कि क्या कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन किया जाएगा तो उन्होंने बताया कि हम समर्थन करेंगे इसमें कोई दो राय नहीं लेकिन स्थानीय और बाहरी के मुद्दे के सामने जो ज्यादा फायदेमंद लगेगा सभी समर्थक वो ही फैसला लेंगे।

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