अतीक साबरी
पिरान कलियर (हरिद्वार) | 01 जनवरी 2026नए साल के सूरज ने जहाँ पूरी दुनिया को नई उम्मीदें दीं, वहीं हरिद्वार जनपद के थाना कलियर से खुशियों की एक ऐसी सौगात निकली जिसने खाकी के प्रति जनता के विश्वास को और गहरा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के कुशल मार्गदर्शन में चल रहे ‘ऑपरेशन रिकवरी’ ने वर्ष 2026 के पहले ही दिन धमाका करते हुए ₹16 लाख की बाजार कीमत वाले 82 मोबाइल बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंपे हैं।

सोनू चौधरी: अपराधियों के लिए खौफ, आमजन के लिए ‘उम्मीद की किरण’इस पूरी मुहिम के पीछे एक नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह है थाना कलियर के हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी। सोनू चौधरी ने जिस लगन और तकनीकी कुशलता से इन मोबाइलों को ट्रैक किया, उसने उन्हें क्षेत्र का ‘हीरो’ बना दिया है।

खोजबीन का जुनून: सोनू चौधरी के बारे में क्षेत्र में मशहूर है कि अगर किसी का मोबाइल खोया है और वह सोनू तक पहुँच गया, तो फोन मिलने की उम्मीद 90% बढ़ जाती है। वह CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं।दिन-रात की मेहनत: चाहे सर्दी हो या गर्मी, सोनू चौधरी ने उत्तराखंड ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों (यूपी, हरियाणा, दिल्ली) के चक्कर काटकर इन मोबाइलों को रिकवर किया है।

रिकॉर्ड तोड़ सफलता: सोनू चौधरी की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक साल में उन्होंने टीम के साथ मिलकर 220 मोबाइल (कीमत ₹33 लाख) बरामद कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके लिए यह सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि पीड़ितों की दुआएं कमाने का जरिया है।दरगाह आने वाले जायरीनों के लिए बने ‘मसीहा’कलियर शरीफ में देश-दुनिया से जायरीन आते हैं। अक्सर भीड़भाड़ में लोगों के फोन गिर जाते थे या खो जाते थे। ऐसे बाहरी लोग जो उम्मीद छोड़ चुके थे कि अब उनका महंगा फोन कभी मिलेगा, उन्हें जब पुलिस ने फोन करके मोबाइल ले जाने को कहा, तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। पीड़ितों ने भावुक होकर सोनू चौधरी और कलियर पुलिस की ईमानदारी और तत्परता की जमकर तारीफ की।
आंकड़ों में सफलता की कहानी पुलिस टीम ने आज जिन 82 फोनों को सुपुर्द किया, उनमें महंगे ब्रांड्स शामिल हैं:विवो (23) और ओप्पो (13) जैसे हाई-कैमरा फोन।सैमसंग (09), रियलमी (10), और वन प्लस (04) जैसे प्रीमियम सेट।कुल बरामदगी की कीमत लगभग ₹16,00,000/- से अधिक आंकी गई है।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की मुहिम का असरएसएसपी हरिद्वार ने साफ संदेश दिया है कि पुलिस का काम सिर्फ डंडा चलाना नहीं, बल्कि आम आदमी की छोटी-बड़ी परेशानियों को दूर करना भी है। उनके नेतृत्व में कलियर थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार, SSI बबलू चौहान और विशेष रूप से हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी की टीम ने पुलिसिंग की एक नई परिभाषा लिखी है।”हमारा उद्देश्य है कि हर पीड़ित को न्याय मिले। सोनू चौधरी और उनकी टीम ने जिस तरह से खोए हुए मोबाइलों को ट्रैक किया है, वह सराहनीय है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”— नरेन्द्र पंत, क्षेत्राधिकारीसफल
पुलिस टीम:अ0पु0अ0/क्षेत्राधिकारी श्री नरेन्द्र पंतथानाध्यक्ष रविन्द्र कुमारSSI बबलू चौहानहेड कांस्टेबल सोनू चौधरी (विशेष योगदान)होमगार्ड ललित

