अतीक साबरी:-
पिरान कलियर (हरिद्वार): आस्था की नगरी पिरान कलियर में दरगाह साबिर पाक की व्यवस्थाओं को कलंकित करने वाले भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों पर तहसीलदार/दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी का चाबुक चल गया है। लंबे समय से रैन बसेरे की आड़ में चल रहे अवैध दुकानों के खेल को अवस्थी ने एक ही झटके में नेस्तनाबूद कर दिया। उनके इस कड़े तेवर ने यह साफ कर दिया है कि दरगाह क्षेत्र में अब सिर्फ ‘नियम और व्यवस्था’ का राज चलेगा।

खुफिया इनपुट पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
सूत्रों के अनुसार, विकास अवस्थी को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि जायरीनों के ठहरने के लिए बने रैन बसेरे को कुछ स्वार्थी तत्वों ने अपनी कमाई का अड्डा बना लिया है। यहाँ न केवल अवैध रूप से दुकानें सजाई गई थीं, बल्कि अनैतिक और अवैध गतिविधियों की सुगबुगाहट भी प्रशासन तक पहुँच रही थी। मर्यादा को तार-तार होते देख, प्रबंधक विकास अवस्थी ने मोर्चा संभाला और भारी दलबल के साथ मौके पर पहुँचकर अवैध कब्जे को जमींदोज कर दिया।
व्यवस्था के ‘शिल्पकार’ बने विकास अवस्थी
दरगाह की गरिमा को बहाल करने के लिए विकास अवस्थी दिन-रात एक किए हुए हैं। उन्हें केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि दरगाह की व्यवस्थाओं के ‘रक्षक’ के रूप में देखा जा रहा है। उनकी कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि रसूख और दबाव उनके कर्तव्य के आड़े नहीं आ सकता। जायरीनों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए वे जिस तरह जमीन पर उतरकर फैसले ले रहे हैं, उसने उन्हें जनता के बीच एक ‘सख्त और ईमानदार प्रशासक’ के रूप में स्थापित कर दिया है।
अतिक्रमणकारियों को आखिरी चेतावनी
कार्यवाही के दौरान तहसीलदार ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि दरगाह की संपत्ति पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैन बसेरा अकीदतमंदों की सेवा के लिए है, न कि निजी व्यापार के लिए।
प्रशासनिक लामबंदी
इस बड़ी कार्यवाही में विकास अवस्थी के साथ दरगाह प्रशासन की ‘कोर टीम’ ढाल बनकर खड़ी रही, जिसमें मुख्य रूप से:
राव शारिक अली (सुपरवाइजर) – जो मौके पर व्यवस्था संभालते रहे।
सद्दाम अली (अकाउंटेंट) – जिन्होंने रिकॉर्ड की जांच की।
अफजाल अली और ख़ादिम ईल्यास साबरी – जिन्होंने इस शुद्धिकरण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
बड़ी खबर का सार: “विकास अवस्थी का यह अभियान केवल दुकानें हटाना नहीं है, बल्कि दरगाह क्षेत्र को भयमुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रहार है। अब देखना यह है कि इस कार्रवाई के बाद दरगाह के अन्य हिस्सों में कुंडली मारकर बैठे अतिक्रमणकारी खुद पीछे हटते हैं या अवस्थी का डंडा उन्हें भी ठिकाने लगाता है।”

