Hridwar प्रेम विवाह के बाद बना ‘कलयुगी’ पिता: बच्चे के रोने पर आया गुस्सा और ले ली जान”

अतीक साबरी:-​मंगलौर (हरिद्वार): रमजान के पवित्र महीने के बीच मंगलौर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अपने ही डेढ़ साल के सौतेले बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाले कलयुगी पिता फैजान को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से धर दबोचा है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिस पर एसएसपी हरिद्वार ने 5000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था।​

क्या था पूरा मामला?​मामले का खुलासा तब हुआ जब मंगलौर निवासी एक महिला ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि उसके दूसरे पति फैजान ने उसके डेढ़ साल के मासूम बच्चे की हत्या कर दी है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू की।​

एसएसपी नवनीत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया था। शातिर आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग रहा था, जिसके बाद उस पर इनाम घोषित किया गया। शुक्रवार, 20 मार्च को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर फैजान को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया।​

क्यों बना मासूम की जान का दुश्मन?​पुलिस पूछताछ में जो सच्चाई सामने आई, वह रूह कंपा देने वाली है। आरोपी फैजान के महिला के साथ प्रेम संबंध थे। महिला के पहले पति की मौत के बाद फैजान ने उससे निकाह कर लिया था। लेकिन जल्द ही घर में कलह शुरू हो गई।​

झगड़े की वजह: आरोपी अक्सर छोटे-मोटे विवादों और मासूम बच्चे के पालन-पोषण के खर्च को लेकर परेशान रहता था।​वो खौफनाक दिन: बीती 17 फरवरी को बच्चा रो रहा था। फैजान ने उसे चुप कराने की कोशिश की, लेकिन जब बच्चा नहीं रुका, तो हैवानियत उस पर सवार हो गई।​

वारदात: गुस्से में आकर उसने पहले बच्चे को थप्पड़ मारे, और जब बच्चा और जोर से रोने लगा, तो उसकी छाती पर जोर से लात मार दी। चोट इतनी गंभीर थी कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आरोपी लाश को बिस्तर पर छोड़कर फरार हो गया था।

​पुलिस टीम की कामयाबी​आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने में इन अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही:​प्रभारी: अमरजीत सिंह​टीम सदस्य: व.उ.नि. मनोज गैरोला, उ.नि. अशोक सिरसवाल, हे.कानि. शूरबीर, कानि. पुनीत सेवाल, मनीष और दिनेश चौहान।​”अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं। मासूम की हत्या के आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।” — पुलिस प्रशासन