अतीक साबरी:-
पिरान कलियर: विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के दरबार में आस्था और सेवा का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। लुधियाना (जगराव) के ‘आशिके साबिर क्लब’ के जायरीनों ने खादिम इमरान साबरी की विशेष सरपरस्ती और देखरेख में न केवल विशाल लंगर का आयोजन किया, बल्कि 90 हजार रुपये के नोटों से तैयार 60 फीट लंबी ऐतिहासिक चादर पेश कर अमन-चैन की दुआ मांगी।

खादिम इमरान साबरी की मेजबानी और सेवा भाव
इस पूरे आयोजन के केंद्र में खादिम इमरान साबरी रहे। उन्होंने जायरीनों का गर्मजोशी से स्वागत किया और चार दिनों तक चले विशाल लंगर की व्यवस्थाओं में खुद बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनके कुशल मार्गदर्शन और सेवा भाव ने जायरीनों के इस धार्मिक सफर को और भी यादगार बना दिया। इमरान साबरी ने न केवल लंगर में अपनी सेवाएं दीं, बल्कि जायरीनों के साथ मिलकर मुल्क की सलामती के लिए विशेष दुआ भी कराई।

आकर्षण का केंद्र रही 60 फीट लंबी नोटों की चादर
शनिवार की शाम कलियर शरीफ की गलियां उस समय भक्ति के रंग में सराबोर हो गईं, जब लुधियाना के जायरीन झूमते-गाते दरगाह शरीफ पहुंचे।
चादर की खासियत: यह चादर 60 फीट लंबी थी, जिसे 20-20 रुपये के नोटों से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया था।
लागत: इस भव्य चादर को तैयार करने में 90 हजार रुपये की धनराशि लगी।अनोखी आस्था: चादर की बनावट और उसकी भव्यता को देखकर स्थानीय लोग और अन्य जायरीन भी दंग रह गए।
चार दिन तक चला विशाल लंगर
विक्की प्रधान के नेतृत्व में आए जत्थे ने बताया कि वे हर साल यहाँ आकर सेवा करते हैं। खादिम इमरान साबरी के सहयोग से चार दिनों तक हजारों लोगों को भरपेट भोजन कराया गया। लंगर के समापन पर पूरी अकीदत के साथ चादर पेश की गई। विक्की प्रधान ने कहा, “हम यहाँ देश की खुशहाली और शांति की दुआ मांगने आते हैं, और इमरान साबरी जी का सहयोग हमारे लिए प्रेरणादायक रहता है।”
इनकी रही मौजूदगी
इस रूहानी मौके पर चंचल, प्रेम, बलवीर, पोल्ला, सोनी, बिट्टू, राजू, पवन, प्रवजोत सिंह सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। अंत में खादिम इमरान साबरी ने सभी जायरीनों को तबर्रुक भेंट किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।


