असद साबरी के नेतृत्व में पुलिस को सौंपा पत्र, दरगाह में ‘रील’ बनाने वालों पर कार्रवाई की मांग-

अतीक साबरी:-

कलियर शरीफ। विश्व प्रसिद्ध दरगाह अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक की मर्यादा को तार-तार करने वाली एक ‘रोमांटिक रील’ ने समूचे क्षेत्र में उबाल पैदा कर दिया है। ‘न्यूज 129’ द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, बुधवार को स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। दरगाह के सज्जादानशीन परिवार के सदस्य असद साबरी के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने कलियर थाना प्रभारी और दरगाह प्रबंधक (तहसीलदार) को पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


​क्या है पूरा विवाद?
​दरअसल, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक युवक और युवती दरगाह परिसर के भीतर बॉलीवुड तर्ज पर ‘आशिकी’ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों को एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लेते-देते हुए और रोमांटिक बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ रील बनाते देखा जा सकता है। जिस स्थान पर लाखों लोग मन्नतें मांगने और इबादत करने आते हैं, वहां इस तरह के ‘छिछोरेपन’ ने रूहानियत के केंद्र की छवि को धूमिल किया है।


​’न्यूज 129′ की खबर का बड़ा असर
​इस वीडियो के सामने आने के बाद ‘न्यूज 129’ ने इसे प्रमुखता से दिखाया और धार्मिक स्थलों की गिरती मर्यादा पर सवाल उठाए। खबर के प्रसारित होते ही जायरीनों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया। बुधवार को असद साबरी के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग थाने पहुंचे और इस कृत्य को आस्था पर सीधा हमला करार दिया।


​असद साबरी ने दी चेतावनी: “बर्दाश्त नहीं होगा बेअदबी का खेल”
​प्रशासन को पत्र सौंपते हुए असद साबरी ने कहा:
​”दरगाह साबिर पाक अदब और एहतराम की जगह है, यह कोई पिकनिक स्पॉट या फिल्म शूटिंग का सेट नहीं है। चंद लाइक और फॉलोअर्स के लिए पवित्र आस्ताने की गरिमा को ठेस पहुंचाना अक्षम्य अपराध है। अगर प्रशासन ने जल्द इन रील बनाने वालों पर नकेल नहीं कसी, तो हम कड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”


​प्रशासन से मुख्य मांगें:
​मुकदमा दर्ज हो: वीडियो में दिख रहे युवक-युवती की शिनाख्त कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में FIR दर्ज की जाए।
​रील पर पूर्ण प्रतिबंध: दरगाह के मुख्य गुंबद और संवेदनशील हिस्सों में मोबाइल के इस दुरुपयोग और वीडियो बनाने पर तत्काल रोक लगे।


​निगरानी और दंड: दरगाह के भीतर तैनात सुरक्षाकर्मी और खादिमों को विशेष हिदायत दी जाए कि ऐसी हरकत करने वालों पर मौके पर ही सख्त कार्रवाई हो।


​प्रशासन का आश्वासन
​कलियर थाना प्रभारी और दरगाह प्रबंधक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस अब वीडियो के आधार पर युवक-युवती की पहचान करने में जुट गई है।
​बड़ी चुनौती: सोशल मीडिया के इस दौर में धार्मिक स्थलों पर रील बनाने का चलन एक महामारी की तरह फैल रहा है। पिरान कलियर का यह मामला अब एक नजीर बन सकता है कि क्या भविष्य में धार्मिक स्थलों पर मोबाइल और कैमरा केवल इबादत की हद तक ही सीमित रहेगा?

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