अतीक साबरी:-
भगवानपुर/हरिद्वार:नवनियुक्त एसएसपी नवनीत सिंह के कार्यभार संभालते ही हरिद्वार पुलिस ने एक ऐसी गुत्थी को सुलझाया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। जिस महंत की तलाश पुलिस फाइलों में ‘गुमशुदगी’ के तौर पर दर्ज थी, उसका अंत एक रोंगटे खड़े कर देने वाले कत्ल के रूप में हुआ।

भगवानपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने महज कुछ दिनों के भीतर ही इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए एक महिला और उसके पति समेत तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।आश्रम से लापता बाबा, और नदी में तैरती लाशकहानी शुरू होती है 10 फरवरी को, जब ग्राम मोहम्मद बेगपुर निवासी श्याम सिंह ने कोतवाली भगवानपुर में तहरीर दी कि रविदास आश्रम में रहने वाले महंत बृजेश दास 5 फरवरी से लापता हैं।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन एसएसपी नवनीत सिंह के सख्त निर्देश थे कि मामले की तह तक जाया जाए।एक ‘कॉल’ ने खोला राज: बागपत की महिला निकली मास्टरमाइंडपुलिस टीम और सीआईयू रुड़की ने जब महंत की कॉल डिटेल खंगाली, तो बागपत की एक महिला का नंबर रडार पर आया।
मोबाइल लोकेशन और अंतिम बातचीत के आधार पर जब पुलिस ने महिला और उसके पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो परतें दर परत सच सामने आने लगा।”आरोपी महिला ने कबूला कि महंत अक्सर उसे मानसिक और वित्तीय रूप से परेशान कर रहा था।
इस दबाव से छुटकारा पाने के लिए उसने खौफनाक साजिश रची।”कुल्हाड़ी से वार और फिर सबूत मिटाने की नाकाम कोशिश5 फरवरी को साजिश के तहत महंत को घर बुलाया गया। जैसे ही बृजेश दास वहां पहुंचे, महिला के पति संजीव ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी।
वारदात के बाद रात के अंधेरे में संजीव ने अपने भाई जोगेन्द्र के साथ मिलकर शव और महंत की मोटरसाइकिल को कृष्णा नदी में फेंक दिया।इतना ही नहीं, शातिर हत्यारोपियों ने सबूत मिटाने के लिए:महंत का मोबाइल तोड़कर जलाया।खून से सने गद्दे, चादर और कपड़ों को आग के हवाले किया।कुल्हाड़ी को भूसे के ढेर में छिपा दिया।
पुलिस की बड़ी कामयाबी: राख से बरामद हुए मोबाइल के पुर्जेपुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नदी से महंत का शव बरामद कर लिया है। मौके से आला-कत्ल (कुल्हाड़ी), मोबाइल की बैटरी और कपड़ों की राख जैसे पुख्ता सबूत बरामद किए गए हैं, जो अदालत में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए काफी होंगे।
गिरफ्तार आरोपियों का कच्चा चिट्ठा:संजीव: (मुख्य आरोपी) – निवासी बागपत, यूपी।आरोपी महिला: (साजिशकर्ता/संजीव की पत्नी)।जोगेन्द्र: (सह-आरोपी/शव ठिकाने लगाने में मददगार) – निवासी सोनीपत, हरियाणा।
इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने किया खुलासा:प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण के नेतृत्व में उप-निरीक्षक नीरज रावत, बालाराम जोशी, और सीआईयू के जांबाज सिपाही महिपाल सहित पूरी टीम ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

