कलियर में यातायात व्यवस्था का बुरा हाल, सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों से जायरीन और स्थानीय जनता त्रस्त

अतीक साबरी:-

पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह पिरान कलियर में यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह से पटरी से उतरी हुई नजर आ रही है, जिससे यहाँ आने वाले देश-विदेश के जायरीनों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के सबसे व्यस्ततम पीपल चौक की स्थिति यह है कि यहाँ मेटाडोर, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों ने सड़क को ही अपना स्टैंड बना लिया है, जिससे पैदल यात्रियों के लिए रास्ता नहीं बचता। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति प्राथमिक अस्पताल के सामने की है, जहाँ दरगाह को जाने वाले मुख्य मार्ग पर गलत तरीके से वाहन खड़े किए जा रहे हैं।

अस्पताल के समीप सड़कों पर वाहनों के इस अवैध जमावड़े से न केवल मरीजों को लाने-ले जाने में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि जायरीनों का सैलाब भी यहाँ आकर जाम के झाम में फंस जाता है। स्थानीय व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मुख्य बाजारों का हाल भी इससे जुदा नहीं है, जहाँ सड़कों के दोनों ओर खड़े वाहनों ने सड़कों को संकरा कर दिया है।

दरगाह के मुख्य गेट और पहाड़ी गेट की बात करें तो यहाँ हर समय ई-रिक्शा का ऐसा जमावड़ा लगा रहता है कि यहाँ की यातायात व्यवस्था लगभग ठप हो चुकी है। जायरीनों को दरगाह परिसर में प्रवेश करने के लिए इन वाहनों के बीच से बचकर निकलना पड़ता है, जिससे कई बार छोटे-मोटे हादसे भी होते रहते हैं।

हालांकि प्रशासन द्वारा समय-समय पर यातायात सुधार के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से कड़े कदम न उठाए जाने के कारण वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं और वे सड़कों पर कहीं भी वाहन खड़ा करने से गुरेज नहीं करते।

इस अव्यवस्था से न केवल कलियर की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि यहाँ के स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी जाम की भेंट चढ़ रहा है। पहाड़ी गेट और मुख्य गेट जैसे संवेदनशील स्थानों पर वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करना अब अनिवार्य हो गया है।

यदि जल्द ही पुलिस प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और ई-रिक्शा व टेंपो के लिए कोई निश्चित पार्किंग स्थल निर्धारित नहीं किया, तो आने वाले समय में यहाँ की स्थिति और भी भयावह हो सकती है। जनता ने मांग की है कि प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और सड़कों पर गलत तरीके से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि यातायात सुगम हो सके।

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