अतीक साबरी:-
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के कोतवाली नगर क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी को दबोचा, बल्कि बिना सत्यापन के किराएदार रखने वाले मकान मालिक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए 10,000 रुपये का चालान काटा है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को एक पीड़ित पिता ने कोतवाली नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई कि सूरज प्रकाश नामक व्यक्ति ने उनकी 7 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ लैंगिक अपराध (यौन उत्पीड़न) किया है। मामला एक मासूम बच्ची से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0-29/2026 धारा-65(2) बी.एन.एस. और धारा 3(क)/4(2) पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
चंद घंटों में दबोचा गया आरोपी
कोतवाली प्रभारी रितेश शाह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुखबिरों और अन्य तकनीकी माध्यमों से सुराग जुटाना शुरू किया। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए वांछित आरोपी को भारतमातापुरम कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सूरज प्रकाश पुत्र विरेन्द्र, निवासी बिरौखाल (पौड़ी गढ़वाल), हाल निवासी कृपा कुटिर, भारतमातापुरम कॉलोनी, भूपतवाला के रूप में हुई है।
मकान मालिक पर भी गिरी गाज:-जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी सूरज प्रकाश जिस मकान में किराए पर रह रहा था, वहां के मकान मालिक ने उसका पुलिस सत्यापन (Verification) नहीं कराया था। एसएसपी हरिद्वार के सख्त निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने ‘पुलिस अधिनियम’ के तहत मकान मालिक का 10,000 रुपये का चालान काटकर कड़ा संदेश दिया कि अपराधियों को पनाह देने या नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस टीम की तत्परता की सराहना:- इस त्वरित कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह के साथ वरिष्ठ उपनिरीक्षक नन्द किशोर ग्वाडी, उपनिरीक्षक चरण सिंह, महिला उपनिरीक्षक निशा सिंह, अतिरिक्त उपनिरीक्षक अरविन्द भट्ट, हेड कांस्टेबल प्रदीप पंवार और महिला कांस्टेबल अनिता थापा की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

