अंकिता भंडारी केस वीआईपी कौन
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम और भूमिका से जुड़े सवालों का जवाब तलाशने के लिए सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को दिल्ली से सीबीआई की एक टीम हरिद्वार पहुंची और भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर से बीएचईएल गेस्ट हाउस में पूछताछ की। करीब तीन घंटे तक चली पूछताछ के बाद राठौर को जाने दिया गया।
गेस्ट हाउस से बाहर आने के बाद सुरेश राठौर ने कहा कि जांच एजेंसी ने उनसे जो भी सवाल पूछे, उन्होंने उनका जवाब दे दिया है। वह जांच में एजेंसी का सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उर्मिला सनावर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह उन्हें नहीं जानते।
दरअसल, पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर नाम की महिला से जुड़े कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का जिक्र करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम पर गंभीर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, दुष्यंत गौतम की ओर से इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद देहरादून पुलिस ने जून 2026 में लंबी पूछताछ के बाद सुरेश राठौर को गिरफ्तार किया था। कई दिनों तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। इस विवाद से पहले ही उन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था।
दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के बाद फिर तेज हुआ विवाद
अंकिता भंडारी मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति राज्य सरकार पहले ही कर चुकी थी। इसी बीच दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया। इस फैसले के विरोध में अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए और उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति समर्थन जताया।
उत्तराखंड में इस मामले को लेकर बढ़ते विवाद और कथित वीआईपी की पहचान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में टीम ने हरिद्वार पहुंचकर सुरेश राठौर से वायरल ऑडियो और उससे जुड़े तथ्यों पर पूछताछ की।
उर्मिला सनावर से भी हो सकती है पूछताछ
माना जा रहा है कि जांच के दौरान सीबीआई उर्मिला सनावर से भी पूछताछ कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिलहाल जांच का प्रमुख पहलू वायरल ऑडियो की सत्यता, उसमें किए गए दावों और कथित वीआईपी से जुड़े सवालों की पड़ताल करना है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सीबीआई की जांच से मामले में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
