हरिद्वार से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां हैंडपंप के लिए खोदे जा रहे गड्ढे में दबे ठेकेदार मनोहर ने जिंदगी की जंग हार दी।
जानकारी के अनुसार, बजट की कमी के चलते मशीन की बजाय मैन्युअल तरीके से करीब 30 फीट गहरा गड्ढा खोदा जा रहा था। इसी दौरान मिट्टी के कच्चेपन के कारण अचानक दीवार ढह गई और मनोहर मलबे में दब गए।
रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 30 फीट गहराई तक खुदाई कर उन्हें बाहर निकाला। हालांकि, राहत कार्य के दौरान कई बार मिट्टी धंसती रही, जिससे बचाव अभियान में काफी दिक्कतें आईं।
हरिद्वार

मनोहर को तुरंत मेला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और मैन्युअल खुदाई के जोखिमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीओ सिटी एसएस नेगी ने बताया कि कई बार लगातार धंस रही मिट्टी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा आई। देर रात मनोहर को निकाल लिया गया, लेकिन अफसोस उसको बचाया नहीं जा सका।
