एनएसजी:- न्यूज
जालंधर से कलियर शरीफ तक का सफर पैदल तय कर जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक में पेश की अकीदत की चादरपिरान कलियर। मजहबी एकता और अटूट आस्था का नजारा उस वक्त देखने को मिला जब पंजाब के जिला जालंधर से निकला एक पैदल जत्था सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर विश्व प्रसिद्ध दरगाह अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक पिरान कलियर पहुंचा।
निशा साबरी के नेतृत्व में आए इस 20 सदस्यीय जत्थे का दरगाह पहुंचने पर मुख्य खादिम इमरान साबरी ने जोरदार इस्तकबाल किया और उनकी सफल यात्रा के लिए खुशी जाहिर की।
इन श्रद्धालुओं ने तय किया पैदल सफरजालंधर से शुरू हुई इस कठिन पैदल यात्रा में मुख्य रूप से आशा रानी, रीटा रानी, जसपाल कौर, हुस्न लाल, कोमल कौर, प्रभजोत कौर और हनीश सहित कुल बीस श्रद्धालु शामिल रहे। जत्थे के सदस्यों ने बताया कि रास्ते में भीषण गर्मी और थकान के बावजूद साबिर पाक की भक्ति ने उनके हौसलों को पस्त नहीं होने दिया।
खादिम इमरान साबरी ने कराई जियारत और दुआ:-,दरगाह शरीफ पहुंचने पर जत्थे के तमाम सदस्यों का खादिम इमरान साबरी ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद खादिम इमरान साबरी की मौजूदगी में जत्थे ने दरगाह साबिर पाक के आस्ताने पर मखमली चादर और फूल पेश किए। खादिम इमरान साबरी ने जत्थे के तमाम लोगों की दस्तारबंदी की और मुल्क में खुशहाली, आपसी भाईचारे और अमन-चैन के लिए विशेष दुआ कराई।
श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नतें पूरी होने पर बाबा साहब का शुक्राना अदा किया।जालंधर से रुड़की होते हुए पहुंचा जत्थानिशा साबरी ने बताया कि उनका यह पैदल जत्था पंजाब के जालंधर से रवाना होकर लुधियाना, दोराहा, खन्ना, सरहिंद, अंबाला, यमुनानगर, सहारनपुर और रुड़की जैसे प्रमुख शहरों से होते हुए कलियर शरीफ की पावन धरती पर पहुंचा है। पूरी यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने जत्थे का उत्साहवर्धन किया।
श्रद्धालुओं ने जताया आभारयात्रा के समापन पर जत्थे के सदस्यों ने खादिम इमरान साबरी का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इमरान साबरी द्वारा जिस तरह से उनका स्वागत किया गया और दरगाह में जियारत की व्यवस्था कराई गई, उससे उनकी पूरी थकान मिट गई है। श्रद्धालुओं ने खादिम इमरान साबरी के नेक व्यवहार और सेवा भाव की जमकर सराहना की।
